गुमला. सरकार ने नागफेनी अंबाघाघ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल शुरू कर दी है. इस पहल के तहत नागफेनी गांव से लेकर अंबाघाघ तक पीसीसी सड़क बन गयी है. वहीं अंबाघाघ के समीप सेल्फी प्वाइंट बन रहा है, जिससे पर्यटक अंबाघाघ के सुंदर नजारा को अपने कैमरे में कैद कर सकेंगे. वहीं पर्यटकों के बैठने के लिए सीमेंट की कुर्सी व शेड भी बनेगा. खेल व पर्यटन विभाग गुमला 60 लाख रुपये की लागत से अंबाघाघ को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का काम कर रहा है. बता दें कि रांची व गुमला के नेशनल हाइवे-43 से बहने वाली दक्षिणी कोयल नदी के किनारे नागफेनी अंबाघाघ है. यह पर्यटकों के दृष्टिकोण नववर्ष में घूमने की सुंदर जगह है. नागफेनी नदी में इठला कर बहती जलधारा, नुकीले व ऊंचे पहाड़ है. अद्भुत प्राकृतिक छटा है. नदी तट के किनारे प्राचीन भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा की मूर्ति है. नागवंशी राजाओं से जुड़ा इतिहास है. यह गुमला जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर है. अपने अंदर कई ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहर भी समेटे हुए हैं. यह गुमला जिला के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है. गुमला शहर से नजदीक होने के कारण यहां नववर्ष में आराम से घूम फिर सकते हैं. नदी व पहाड़ का भी आनंद ले सकते हैं. नागफेनी में जगन्नाथ मंदिर, शिवलिंग पर लिपटे अष्टधातु निर्मित नाग, अष्टकमल दल, पाटराजा व नागसंत्थ देखने योग्य है. वहीं कोयल नदी की धारा पर खड़े हजारों चिकने पत्थर, अंबाघाघ जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाता है. जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि नागफेनी अंबाघाघ में तेजी से विकास के काम हो रहे हैं.
प्रभात खबर ने उठाया था मुद्दा
प्रभात खबर लगातार नागफेनी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग उठाता रहा है. इसका असर है कि अब नागफेनी अंबाघाघ को पर्यटन स्थल का दर्जा मिल गया है और पर्यटकों की सुविधा के अनुसार यहां विकास के काम हो रहा है.
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