ePaper

मानव तस्करों के चंगुल में जाने से बची कांजी गांव की एक बेटी, डुमरी थानेदार व मुखिया का कैसे मिला सहयोग, पढ़ें...

Updated at : 27 Oct 2020 7:57 PM (IST)
विज्ञापन
मानव तस्करों के चंगुल में जाने से बची कांजी गांव की एक बेटी, डुमरी थानेदार व मुखिया का कैसे मिला सहयोग, पढ़ें...

Jharkhan news, Gumla news : गुमला जिला अंतर्गत डुमरी प्रखंड के कांजी गांव निवासी सुमित्रा देवी का परिवार संकट में जी रहा है. उनके पति की बीमारी के कारण मौत हो गयी. जब पति बीमार थे तभी इलाज में जमापूंजी खत्म हो गयी. यहां तक कि घर को भी बंधक रखनी पड़ी. इधर, मां के कर्ज में डूबने एवं घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण सुमित्रा की नाबालिग बेटी मानव तस्कर के बहकावे में आकर दिल्ली जा रही थी. लेकिन, ऐन वक्त पर इसकी जानकारी डुमरी थाना के थानेदार अमित कुमार को हुई. श्री कुमार ने नाबालिग को मानव तस्करी होने से बचाया. साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है. खुद थानेदार ने कुछ राशन एवं नकद राशि देकर मदद की है.

विज्ञापन

Jharkhan news, Gumla news : गुमला : गुमला जिला अंतर्गत डुमरी प्रखंड के कांजी गांव निवासी सुमित्रा देवी का परिवार संकट में जी रहा है. उनके पति की बीमारी के कारण मौत हो गयी. जब पति बीमार थे तभी इलाज में जमापूंजी खत्म हो गयी. यहां तक कि घर को भी बंधक रखनी पड़ी. इधर, मां के कर्ज में डूबने एवं घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण सुमित्रा की नाबालिग बेटी मानव तस्कर के बहकावे में आकर दिल्ली जा रही थी. लेकिन, ऐन वक्त पर इसकी जानकारी डुमरी थाना के थानेदार अमित कुमार को हुई. श्री कुमार ने नाबालिग को मानव तस्करी होने से बचाया. साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है. खुद थानेदार ने कुछ राशन एवं नकद राशि देकर मदद की है.

सुमित्रा देवी के मुताबिक, 2 साल पहले कैंसर की बीमारी के कारण पति की मौत हो गयी थी. घर में कमाने वाला कोई नहीं है. कुछ खेती-बारी है. वह भी पति के बीमारी के समय बंधक रखा हुआ है. घर में 3 बच्चे हैं. जिनके लालन- पालन में काफी कठिनाई हो रही है. इसी कारण बेटी को काम करने बाहर भेज रहे थे, ताकि परिवार चलाने में सहयोग मिले.

इस बात की जानकारी डुमरी थाना के थानेदार अमित कुमार को हुई. श्री कुमार ने तत्काल नाबालिग को मानव तस्करी होने से बचाया. इस दौरान थानेदार अमित कुमार ने सुमित्रा के परिजनों से कहा कि नाबालिग को किसी अनजान शहर में काम करने के लिए भेजना न्याय संगत नहीं है. अनजान जगह पर उसके साथ क्या बर्ताव किया जायेगा. ये शायद आप नहीं समझ पा रहे हैं. आप उसे कहीं मत भेजिए. हम सब मिलकर आप लोग के लिए रोजगार का उपाय ढूढ़ेंगे. साथ ही विधवा पेंशन व राशन कार्ड बनवाने की बात कही.

Also Read: 5 जिले के 30 पंचायत व 171 गांवों का होगा संस्थागत विकास, अर्जुन मुंडा बोले- जनजातीय कानून व नियमों के बारे में जागरूक होंगे ग्रामीण
बच्ची ने कहा- मैं पढ़ना चाहती हूं

मानव तस्कर के चंगुल में फंसने से बची बेटी ने कहा कि पढ़ाई करना चाहती हूं. इसपर थाना प्रभारी ने विद्यालय खुलने पर पढ़ाई के लिए बच्ची को कस्तूरबा विद्यालय में नामांकन करा देने का आश्वासन दिये.

थानेदार व मुखिया ने की पहल

2 दिन पूर्व डुमरी थाना परिसर में महिला सशक्तीकरण, महिला उत्पीड़न एवं मानव तस्करी को लेकर महिलाओं के साथ बैठक हुई थी. जिसमें सभी पंचायत के मुखिया सहित विभिन्न महिला मंडल की महिलाएं उपस्थित थीं. मुखिया रेखा मिंज ने थानेदार की बात से प्रभावित होकर कांजी गांव में एक परिवार की संकट स्थिति की जानकारी दी. साथ ही कहा कि थानेदार के साथ मुखिया ने भी नाबालिग को पलायन से रोककर उसकी जिंदगी तबाह होने से बचाने का सराहनीय कार्य किया है.

Posted By : Samir Ranjan.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola