बोंगालोया गांव से दो महीने में 80 लोग कर गये पलायन
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

गुमला : बसिया प्रखंड के बोंगालोया गांव से दो महीने में 80 लोग रोजगार के लिए पलायन कर गये हैं. दिसंबर महीने में गांव की वार्ड सदस्य रश्मिी इंदवार, जल-सहिया चुमानी उरांव सहित 50 ग्रामीण पलायन किये थे. इधर, फरवरी माह में 30 ग्रामीण रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्य चले गये हैं. बसिया प्रखंड […]
विज्ञापन
गुमला : बसिया प्रखंड के बोंगालोया गांव से दो महीने में 80 लोग रोजगार के लिए पलायन कर गये हैं. दिसंबर महीने में गांव की वार्ड सदस्य रश्मिी इंदवार, जल-सहिया चुमानी उरांव सहित 50 ग्रामीण पलायन किये थे. इधर, फरवरी माह में 30 ग्रामीण रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्य चले गये हैं. बसिया प्रखंड विधानसभा अध्यक्ष डॉ दिनेश उरांव के विस क्षेत्र में आता है. दिसंबर महीने में जब 50 ग्रामीण पलायन कर गये थे, उस समय ग्रामीणों ने कहा था कि पलायन करने का यह पहला फेज है.
दो महीने में और लोग पलायन करेंगे. लेकिन प्रशासन ने पलायन रोकने के लिए गांव में रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं कराये. न ही रोजी-रोटी की व्यवस्था की कोई पहल की. नतीजा है कि गांव से एक-एक कर ग्रामीण पलायन कर रहे हैं. गांव के कई ऐसे लोग हैं, जो पूरे परिवार के साथ पलायन कर गये हैं.
गांव के लोगों ने पलायन करने का कारण बताया है. ग्रामीणों के अनुसार, इस बार फसल नहीं हुई. सुखाड़ से किसान परेशान हैं. सुखाड़ का लाभ भी नहीं मिल रहा है. मनरेगा के कार्य पहले से ठप हैं. गांव में शौचालय नहीं बना है. गांव में कोई काम भी नहीं है. बालू घाट चालू था, जिसे बंद कर दिया गया, जिससे हर हाथ खाली है. इसलिए गांव के लोग दूसरे राज्य रोजी-रोटी की तलाश में जा रहे हैं.
केसीसी लोन चुकता करने की चिंता : बोंगालोया गांव ओकबा पंचायत में है. यह बसिया प्रखंड से 20 किमी दूर है. इस गांव में 108 परिवार रहता है. आबादी करीब पांच सौ है, जिसमें 80 से अधिक लोग पलायन कर गये हैं. आजादी के 70 साल बाद भी गांव की दुर्दशा में सुधार नहीं हुआ है. आदिवासी बहुल इस गांव में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है.
मनरेगा से एक भी योजना संचालित नहीं है. किसी के घर में स्वच्छ भारत योजना के तहत शौचालय नहीं बना है. करीब 20 किसानों ने केसीसी लोन लेकर खेती की थी. अब फसल मर गयी. केसीसी लोन चुकता करने के लिए पैसा चाहिए, इसलिए किसान पैसा कमाने दूसरे राज्य चले गये हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










