सदर अस्पताल से एंबुलेंस नहीं मिली डॉक्टरों ने रिक्शा पर ही किया इलाज

Published at :03 Feb 2018 8:34 AM (IST)
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सदर अस्पताल से एंबुलेंस नहीं मिली डॉक्टरों ने रिक्शा पर ही किया इलाज

व्यवस्था पर सवाल. डॉक्टर ने बच्ची की स्थिति खराब होने पर रांची रेफर किया गुमला : सरकार के प्रयास के बाद भी गुमला सदर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है. अस्पताल के डॉक्टर ने साढ़े चार साल की अगेस्टिना कुमारी को स्थिति गंभीर होने पर रांची रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल ने […]

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व्यवस्था पर सवाल. डॉक्टर ने बच्ची की स्थिति खराब होने पर रांची रेफर किया
गुमला : सरकार के प्रयास के बाद भी गुमला सदर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है. अस्पताल के डॉक्टर ने साढ़े चार साल की अगेस्टिना कुमारी को स्थिति गंभीर होने पर रांची रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल ने बच्ची को रांची ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराया. परिजन को रांची रेफर का कागज पकड़ा दिया और बच्ची की स्थिति गंभीर बतायी. बीमार बच्ची के परिजन गरीब हैं. भाड़े में गाड़ी कर बच्ची को रांची ले जाने में असमर्थ हैं.
एंबुलेंस व अस्पताल से मदद नहीं मिली, तो बड़ी बहन प्रियांशु कुमारी अपनी बीमार छोटी बहन अगेस्टिना को रिक्शा में बैठा कर घर ले जा रही थी. खुद नाना सोहराई महली रिक्शा चला रहा था.
रास्ते में जब बच्ची की स्थिति गंभीर हुई, तो वापस अस्पताल लाया गया. लेकिन यहां भी अस्पताल प्रबंधन की संवेदना देखिये. रिक्शा में ही बच्ची की जांच की गयी. डॉक्टर नम्रता व डॉक्टर सुजान ने बच्ची की जांच कर कहा कि बच्ची को रांची ले जाना होगा. प्रभात खबर ने यहां पहल की. पहले अस्पताल से एंबुलेंस की व्यवस्था करायी. इसके बाद कुछ लोगों ने बीमार अगेस्टीना के परिजन को आर्थिक सहयोग भी किया. खुद अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ आरएन यादव ने 200 रुपये की मदद की. इसके बाद परिजन बीमार बच्ची को लेकर रांची रिम्स गये.
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, गुमला सदर प्रखंड की पुग्गू खोपाटोली निवासी भदरू महली की साढ़े चार वर्षीया बेटी अगेस्टिना कुमारी बुधवार की सुबह से अस्पताल में भरती थी. गुरुवार की रात में चिकित्सक ने उसे रिम्स रेफर कर दिया. शुक्रवार को उसे डिस्चार्ज के साथ रेफर कागज थमा दिया गया, लेकिन उसे रिम्स ले जाने के लिए सदर अस्पताल से एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं करायी गयी.
रेफर व डिस्चार्ज कागज थमाने के बाद उसे रिम्स ले जाने के लिए कहा भी नहीं गया. इसलिए परिवार के लोग बीमार बच्ची को रिक्शा में लेकर घर पुग्गू खोपाटोली लौट रहे थे. रास्ते में बड़ाइक मुहल्ला के समीप बच्ची की स्थिति गंभीर होने हो गयी. इस पर मीडिया कर्मियों की नजर पड़ी. पूछताछ करने पर उसे पुन: अस्पताल लाया गया. वहां डीएस डॉ आरएन यादव से बातचीत की गयी. बातचीत के बाद एंबुलेंस उपलब्ध करा कर उसे रिम्स रेफर किया गया.
बच्ची का पेट फूला हैऔर पैर में जख्म है
भदरू महली की बेटी अगेस्टिना को पेट फूलने व पैर में फोड़ा होकर फूटने की बीमारी थी. उसे बुधवार को एडमिट कराया गया था. चिकित्सक राहुल देव उरांव उसका इलाज कर रहे थे. चिकित्सक बच्ची के इलाज के लिए कुछ जांच लिखा था. लेकिन अस्पताल की नर्स को बच्ची का नस नहीं मिला.
इस कारण उसके ब्लड को जांच के लिए नहीं भेजा और न ही इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन व चिकित्सक को दी थी. उसके बाद गुरुवार की रात्रि ड्यूटी में चिकित्सक ने मरीज की स्थिति को देखते हुए मरीज के परिजन से कहा था कि इसका इलाज यहां नहीं हो सकता है, इसलिए इसे रिम्स ले जाओ और रेफर कर दिया था. मरीज के पिता भदरू कुली मजदूरी का काम करता है. अगेस्टिना की मां शनिचरिया महली की मौत दो वर्ष पूर्व हो चुकी है. जन्म के बाद से ही उसे पेट फूलने की शिकायत है.
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