जेल में अस्पताल नहीं, बीमार होने पर परेशानी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :07 Nov 2017 1:03 PM (IST)
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गुमला: गुमला जेल में अस्पताल नहीं है. इस कारण जब भी कोई विचाराधीन कैदी बीमार होता है, उसे इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल लाना पड़ता है. मरीज को जेल से अस्पताल लाने में मात्र पांच मिनट लगता है. बीमार कैदी को अस्पताल ले जाने में कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है. ऐसे में कई […]
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गुमला: गुमला जेल में अस्पताल नहीं है. इस कारण जब भी कोई विचाराधीन कैदी बीमार होता है, उसे इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल लाना पड़ता है. मरीज को जेल से अस्पताल लाने में मात्र पांच मिनट लगता है. बीमार कैदी को अस्पताल ले जाने में कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है. ऐसे में कई बार सीरियस मरीज की जान तक चली जाती है.
इस प्रकार की कई घटना गुमला जेल में घट चुकी है. कैदी की मौत के बाद मामला भी बिगड़ चुका है. इसके बावजूद गुमला जेल में अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है. जेल प्रशासन की माने, तो गुमला जेल में 16 शय्या का अस्पताल बनना है. इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है. भवन बनाने के लिए करीब एक करोड़ रुपये भी प्राप्त हुआ है, लेकिन वन विभाग गुमला ने अस्पताल बनाने में अड़चन पैदा कर दिया है. क्योंकि जिस स्थान पर अस्पताल बनना है, वहां व आसपास सैकड़ों पुराने लिप्टस व अन्य पेड़ हैं. भवन बनाने के लिए पेड़ काटना पड़ेगा. जेल प्रशासन ने पेड़ काटने की वन विभाग से अनुमति मांगी है, लेकिन वन विभाग ने अभी तक अनुमति नहीं दी है. इस कारण अस्पताल निर्माण का मामला लटका हुआ है. अगर अस्पताल बन जाता है, तो बीमार कैदियों का जेल में ही इलाज होगा.
नया जेल बनाने का मामला भी लटका है
इधर, नया जेल बनाने का मामला भी लटका है. गुमला जेल में अभी 700 से अधिक कैदी हैं. इन्हें रहने में परेशानी होती है. जेल भी शहर के अंदर है, इसलिए शहर से हटा कर किसी दूसरे स्थान पर जेल बनाने की योजना है. इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है. जेल प्रशासन 23 सितंबर 2011 को, पांच जनवरी 2012 को, जेल आइजी दो सितंबर 2011 व 27 दिसंबर 2011 को उपायुक्त को पत्र लिख कर नया जेल बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण करने की मांग कर चुके हैं. इसके अलावा पहले भी तीन बार पत्र लिखा जा चुका है. जेल के लिए 35 एकड़ जमीन मांगी गयी थी, क्योंकि इसमें आवासीय व गैर आवासीय दोनों भवन बनने हैं, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण नया जेल बनाने का मामला लटका हुआ है.
जेल अधीक्षक बेसरा निशांत रॉबर्ट ने कहा
जेल अधीक्षक बेसरा निशांत रॉबर्ट ने कहा कि अस्पताल बनाने के लिए कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन वन विभाग द्वारा पेड़ काटने की अनुमति नहीं मिलने के कारण मामला लटका हुआ है. जैसे ही पेड़ काटने की अनुमति मिलेगी, जेल में अस्पताल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी. जेल में अस्पताल बनता है, तो एक डॉक्टर, एक कंपाउंडर व एक ड्रेसर की प्रतिनियुक्ति होगी. फिलहाल एक डॉक्टर ए खान गुमला जेल में प्रतिनियुक्ति में हैं, लेकिन वे सिर्फ जांच करते हैं. संसाधन नहीं है. इस कारण दिक्कत होती है. जेल अधीक्षक ने कहा कि नया अस्पताल बनेगा, तो उसमें सभी प्रकार की व्यवस्था रहेगी, जिससे मरीजों को दूसरे अस्पताल ले जाना नहीं पड़ेगा. श्री रॉबर्ट ने कहा कि कई बार पत्राचार करने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है.
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