बड़ा सिमड़ा डाक बंगला परिसर में प्रशिक्षण शिविर आयोजित, ग्रामीणों को किया जागरूक प्रतिनिधि, गोड्डा प्रखंड की बड़ा सिमड़ा डाक बंगला परिसर में क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीणों का एक दिवसीय प्रशिक्षण मांझी परगना सरदार वैसी संघ के बैनर तले दिया गया. प्रशिक्षक प्रकाश बेसरा व इमानवेल मरांडी ने बताया कि किसी भी गंभीर बीमारी का इलाज जड़ी-बूटी से संभव है. अंग्रेजी दवा केमिकल देकर बनायी जाती है. अगर हम जंगल की जड़ी बूटी से बीमारी का इलाज करते हैं, तो वह सबसे बेहतर है. जड़ी-बूटी की दवा से कोई नुकसान भी नहीं होता है. भगवान के द्वारा प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ पौधा में कई गुणकारी तत्व भी हैं. तत्व की जानकारी प्राप्त होने पर तथा उसका सेवन करने पर मनुष्य के शरीर के लिए लाभदायक है. प्रशिक्षण के दौरान लकवा, मलेरिया, सिर दर्द, गैस, घुटना दर्द, जौंडिस, चर्म रोग, टाइफाइड व अन्य कई बीमारी के लक्षण व उपचार की जड़ी बूटी दवा के बारे में बताया. परगना संघ के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने बताया कि आदिवासी जल, जमीन व जंगल के संरक्षक हैं. इसकी रक्षा करना समुदाय के साथ-साथ अन्य लोगों का भी कर्तव्य है. जंगल की कटाई व जंगल में आग लगाना घातक है. इससे जड़ी बूटी पौधा का नुकसान के साथ-साथ पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. सरदार संघ के बैनर तले हर वर्ष 21 व 22 दिसंबर को जागरुकता शिविर का आयोजन होता है.
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