साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे को देखते हुए सोमवार को हयात शैक्षिक संस्थान, बाघाकोल बसंतराय में प्रभात खबर की ओर से साइबर अपराध के खिलाफ एक जागरुकता गोष्ठी आयोजित की गई. इसमें पुलिस और बैंकिंग क्षेत्र के पदाधिकारी बतौर विशेषज्ञ शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत हयाम कोचिंग संस्थान के निदेशक मो. हयात आलम ने साइबर अपराध से संबंधित जानकारी साझा कर की. उन्होंने ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया हैकिंग, बैंकिंग फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी लिंक से जुड़ी खतरों पर विस्तार से बताया. बसंतराय के एसबीआइ शाखा प्रबंधक ब्रजेश कुमार झा ने कहा कि साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे प्रभावी उपाय है. लोगों को सावधानी, सतर्कता और सुरक्षा के तीन मंत्रों को अपनाने की आवश्यकता है. उन्होंने अनजान लिंक, ईमेल या संदेशों पर क्लिक न करने, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करने और किसी भी बैंक या संस्था से जुड़े कॉल या मैसेज की सत्यता जांचने की सलाह दी. एएसआई प्रेम मोहन झा ने कहा कि जागरूकता ही साइबर सुरक्षा की कुंजी है. उन्होंने बताया कि बसंतराय क्षेत्र में दर्जनों साइबर ठगी के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें कई पीड़ितों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ा है. कुछ मामलों में लोगों की बेटी की शादी या घर बनाने के लिए जमा पूंजी भी ठगी का शिकार हो गई. कार्यक्रम में बच्चों को स्मार्टफोन और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी गई. प्रभात खबर के इस अभियान को साइबर सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता का एक प्रभावी प्रयास बताया गया. कार्यक्रम का संचालन प्रतिनिधि परवेज आलम ने किया.
एक्सपर्ट की राय
यदि किसी के खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करना चाहिए. कई बार लोग डर के कारण सूचना देने से संकोच करते हैं, जो गलत है. यदि कोई बैंक, ई-वॉलेट या सरकारी संस्था के नाम पर जानकारी मांगे तो उसकी जांच कर ही कोई कदम उठाएं. मोबाइल पर ऐसे मामलों पर विशेष नजर रखें और किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जानकारी मांगे जाने पर तुरंत साइबर थाना या स्थानीय थाना को सूचित करें.प्रेम मोहन झा, एएसआई, थाना बसंतराय
साइबर अपराध से बचाव को लेकर प्रभात खबर के अभियान की सराहना करता हूं. बसंतराय जैसे सुदूर क्षेत्र में ऐसे कार्यक्रम अत्यंत कारगर सिद्ध होंगे. यह क्षेत्र भले ही जिला मुख्यालय से दूर है, लेकिन साइबर अपराध के मामले में पीछे नहीं है. ठग भावनाओं से खेलकर या डरा कर लोगों से ठगी करते हैं. कभी एटीएम चालू करने के नाम पर तो कभी ऋण देने के बहाने यह अपराध किए जाते हैं.
ब्रजेश कुमार झा, शाखा प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, बसंतराय
जिले में हर दिन साइबर अपराध के कई मामले सामने आते हैं, जिनमें लोगों के बैंक खाते खाली कर दिए जाते हैं. पैसे चले जाने के बाद उन्हें वापस पाना मुश्किल होता है. सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

