डिलीवरी के बाद मोतिया की प्रसूता की मौत, नहीं बचायी जा सकी जान

Updated at : 17 Mar 2025 10:49 PM (IST)
विज्ञापन
डिलीवरी के बाद मोतिया की प्रसूता की मौत, नहीं बचायी जा सकी जान

पहले सदर अस्पताल लाया गया था प्रसूता को, वहां से भेजा गया था निजी नर्सिंग होम

विज्ञापन

मोतिया गांव की प्रसूता की प्रसव के बाद जान चली गयी. प्रसूता का नाम पार्वती देवी पति राजीव मंडल है. प्रसूता की मौत शाम में हो गयी. प्रसूता को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में पहले भर्ती कराया गया था, जिसे सिजेरियन की आवश्यकता थी. लेकिन इस मामले में थोड़ी देरी हो गयी. ऐसे में परिजनों का धैर्य जवाब दे गया. परिजन प्रसूता की सलामती के लिए प्रसव को लेकर गोड्डा शहर के एक निजी चिकित्सक के पास ले गये. वहां प्रसूता का प्रसव तो हुआ, लेकिन ब्लीडिंग काफी देर तक होता रहा. ऐसे में प्रसूता की हालत बिगड़ती चली गयी. ऐसे में पुन: प्रसूता के परिजनों द्वारा सदर अस्पताल लाया गया. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और प्रसूता की जान चली गयी.

रविवार की देर रात भर्ती करायी गयी थी महिला

जानकारी के अनुसार प्रसूता को रविवार की देर रात ही भर्ती कराया गया था. भर्ती कराये जाने के समय अस्पताल में कर्मियों द्वारा सिजेरियन कराये जाने को कहा गया. अस्पताल सूत्रों के अनुसार परिवार के लोग सिजेरियन को तैयार नहीं थे. नॉर्मल डिलेवरी चाह रहे थे. ऐसे में परिजनों ने बगैर अस्पताल को सूचित किये प्रसूता को शहर के एक गैर निबंधित क्लिनिक में प्रसव हेतु भर्ती करा दिया, जहां प्रसव कर बच्चे को बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन प्रसूता की जान नहीं बचायी जा सकी. प्रसूता की मौत के बाद निजी क्लिनिक बंद दिखा. ऐसे में किसी का पक्ष नहीं लिया जा सका. परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में कोताही बरते जाने का आरोप लगाया है.

सिविल सर्जन कार्यालय ने निजी अस्पताल के निबंधन से किया इंकार

सिविल सर्जन कार्यालय ने ऐसे किसी अस्पताल के निबंधन से इंकार किया है. इस बाबत जब संपर्क साधा गया, तो सिविल सर्जन ने बताया कि ऐसे किसी अस्पताल का निबंधन उनके पास नहीं है. लेकिन सवाल यह है कि जब निबंधन नहीं है, तो ऐसे अस्पताल अथवा निजी क्लिनिक के संचालन को छूट किसके सह पर दी गयी है. इसका मतलब मरीज को जान बूझ कर मरने के लिए छोड़ दिया जाता है.अस्पताल प्रबंधन की ओर से गलती नहीं की गयी है. प्रसूता को सिजेरियन के लिए रोका गया था. परंतु परिजन कहीं बाहर ले गये. वहां इलाज में कोताही हुई और उसके बाद प्रसूता को इलाज के लिए लाया गया, लेकिन तब तक मौत हो गयी थी.

-डॉ अनंत कुमार झा, सिविल सर्जन, गोड्डाB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANJEET KUMAR

लेखक के बारे में

By SANJEET KUMAR

SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola