ठाकुरगंगटी में जर्जर सड़कों से बढ़ी लोगों की परेशानी, आंदोलन की चेतावनी

जर्जर सड़क. | Prabhat Khabar Network
ठाकुरगंगटी में सड़कों की बदहाल स्थिति से लोग परेशान हैं। गड्ढों के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है और ग्रामीणों ने अब बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र में ग्रामीण सड़कों की स्थिति दिनों-दिन बदतर होती जा रही है. हल्की बारिश के बाद ही कई सड़कों की वास्तविक स्थिति सामने आ गयी है. जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आवागमन जोखिमभरा हो गया है. दोपहिया वाहन चालकों के लिए इन सड़कों पर सफर करना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बन गया है, जबकि कई स्थानों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की दर्जनों सड़कें वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़ी हैं, लेकिन उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गयी. इसे लेकर लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है और अब ग्रामीण आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने में जुट गये हैं.
शिलान्यास के बाद नहीं शुरू हुआ निर्माण कार्य
ग्रामीणों के अनुसार, कई सड़कों के निर्माण के लिए शिलान्यास तो किया गया, लेकिन उसके बाद कार्य शुरू नहीं हो सका. वर्षों बीत जाने के बावजूद सड़कें आज भी बदहाल स्थिति में हैं. इससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि सड़क निर्माण के नाम पर केवल घोषणाएं की गयीं, जबकि धरातल पर कोई काम नहीं हुआ.
दो प्रमुख मार्गों की हालत सबसे अधिक खराब
ग्रामीणों ने बताया कि चांदा गांव से रस्टीकर मार्ग तथा हरिनकोल से कुर्पटी मोड़ तक जाने वाला मार्ग क्षेत्र के प्रमुख संपर्क मार्ग हैं. इन दोनों सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं, जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वाहन चालक हिचकोले खाते हुए सफर करने को मजबूर हैं और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है.
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. उनका आरोप है कि खराब सड़कों के कारण आए दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सड़क निर्माण एवं मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. उनका कहना है कि सुरक्षित और सुगम आवागमन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है.
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