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शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक दिवस पर याद किये गये डॉ सर्वपल्ली राधाकृषणन

Updated at : 05 Sep 2024 11:50 PM (IST)
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शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक दिवस पर याद किये गये डॉ सर्वपल्ली राधाकृषणन

गोड्डा जिले के विभिन्न सरकारी व गैरसरकारी संस्थानों में मनाया गया शिक्षक दिवस समारोह

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बोआरीजोर प्रखंड के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के प्रांगण में शिक्षक दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उदघाटन वार्डन संजुक्ता टुटू ने किया. उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि बच्ची कठिन मेहनत कर सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी की है. इनका कार्यक्रम भी बहुत ही अच्छा रहा. कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावक एवं दर्शक भी बच्ची के सांस्कृतिक कार्यक्रम को देखकर अत्यंत खुश हुए. इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं. उन्होंने कहा कि विद्यालय के बच्ची हर क्षेत्र में अपना आज के दौड़ में महिला किसी से पीछे नहीं है. विद्यालय के बच्चे मैट्रिक एवं इंटर के परीक्षा में भी बेहतर प्रदर्शन किया था. बच्ची को पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने के लिए कुटीर उद्योग के लिए भी जानकारी दी जाती है. मौके पर शिक्षिका कल्याणी त्रिवेदी, पुष्पलता, कंचन, मधुमिता, मोनिका आदि उपस्थित थे.

शिक्षा एक अनमोल रत्न, शिक्षक के बिना शिक्षा अधूरा : लोबिन

ललमटिया के सिदो-कान्हू आदर्श विद्यालय के प्रांगण में शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर पूर्व विधायक लोबिन हेंब्रम एवं ग्राम प्रधान नीलमुनि मुर्मू एवं विद्यालय के प्रधानाध्यापक हिरामन पंडित दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उदघाटन किया एवं सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित की. इस अवसर पर पूर्व विधायक ने कहा कि शिक्षक के बिना ज्ञान अधूरा रहता है. सभी के जीवन में गुरु की भूमिका अवश्य होती है. इसलिए गुरु का स्थान सबसे बड़ा होता है. शिक्षक बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अच्छा संस्कार देते हैं. शिक्षक के बदौलत ही अच्छे समाज का निर्माण होता है. बच्चे देश के भविष्य होते हैं. बच्चे ही पढ़कर इंजीनियर डॉक्टर राजनीति एवं अन्य कार्य में अपना परचम लहराते है. बच्चों को पढ़ाई मैं अवश्य ध्यान देना चाहिए तथा लक्ष्य को निर्धारित करना चाहिए. सफलता अवश्य मिलती है. प्रधानाध्यापक ने बताया कि बच्चे को बेहतर शिक्षा देने के लिए विद्यालय परिवार के सभी सदस्य एकजुट होकर कार्य करते हैं. विद्यालय से कई बच्चे पढ़ कर विद्यालय एवं क्षेत्र का नाम रोशन किया है. कार्यक्रम के दौरान बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया एवं अतिथि को गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया. बच्चों के द्वारा रिकॉर्डिंग डांस नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया. मौके पर जनार्दन पंडित, इतवारी पंडित,हेमलाल आदि उपस्थित थे.

नयी पीढ़ी के शिक्षकों के लिए शिक्षा की गुणवत्ता बनाये रखना बड़ी जिम्मेदारी

हनवारा क्षेत्र में सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों में धूमधाम से शिक्षक दिवस मनाया गया. शिक्षकों का बच्चों ने सम्मान किया. वहीं प्लस टू हाइ स्कूल विश्वास खानी में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. बताया कि यह सम्मान उनके स्कूल के बच्चों का है, क्योंकि बच्चे जब सफल होते हैं, तभी शिक्षक सफल होते हैं. शिक्षकों ने कहा कि नयी पीढ़ी के शिक्षकों के लिए शिक्षा की गुणवत्ता बनाये रखना बड़ी जिम्मेदारी है. प्लस टू हाइ स्कूल हनवारा में बच्चों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक और शिक्षिकाओं का सम्मान किया. शिक्षक सम्मानित होने पर बोले कि यह सम्मान उनके विद्यालय के बच्चों का सम्मान है. उन्हें आज यह जो सम्मान मिला है, स्कूल के बच्चों को समर्पित करते हैं. बच्चे सफल हुए हैं, तभी सरकार ने उन्हें सम्मानित किया. यह सम्मान मिलने से वह काफी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मान समारोह से शिक्षक बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित होते हैं. प्लस टू हाइ स्कूल विश्वासखान अब्दुल जब्बार ने बताया कि सम्मान प्राप्त करने पर उन्हें काफी खुशी महसूस हो रही है. वह नयी पीढ़ी के शिक्षकों से अपील करेंगे कि विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को बनाये रखें और बच्चों में नैतिक ज्ञान की शिक्षा दें. उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों को उसी प्रकार सम्मानित करती है, तो इससे शिक्षक बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए और अधिक प्रेरित होंगे. वहीं मिल्लत कॉलेज परसा के प्रिंसिपल तुषार कांत ने कहा कि हमारे विद्यालय के बच्चों ने हमें सम्मान व अपने विद्यालय परिवार को समर्पित करते हैं. जिनमें विद्यालय के सभी बच्चे भी शामिल हैं. इस प्रकार का सम्मान उन्हें प्रेरित करता है कि वह बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा दे सके, सम्मान प्राप्त कर उन्हें काफी गौरव की अनुभूति हो रही है.

लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं डॉ राधाकृष्णन : डॉक्टर तुषार

महागामा प्रखंड के मिल्लत कॉलेज परसा में शिक्षक दिवस मनाया गया. प्राचार्य डॉक्टर तुषार कांत ने कहा कि यह दिन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति, विद्वान, दार्शनिक, और भारत रत्न से सम्मानित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था, जिन्होंने हमारी जिंदगी को सही दिशा दी है. शिक्षक केवल पाठ्यक्रम के ज्ञान के ही शिक्षक नहीं होते, बल्कि वे जीवन के पाठों के भी मार्गदर्शक होते हैं. उनकी मेहनत, समर्पण और शिक्षण की कला ने हमें सिखाया कि कैसे अपने सपनों की ओर कदम बढ़ाएं और समाज में अपनी जगह बनायें. शिक्षक दिवस के इस खास मौके पर सभी शिक्षकों डॉ अभिमन्यु, डॉ रियाज़ मकबूल, डॉ नसीम, प्रो कपिल, प्रो खालिद, प्रो सरफराज़, मु नूर नबी, अब्दुल्लाह, खालिद एवं विद्यार्थियों ने श्रद्धांजलि अर्पित किया.

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