ePaper

दीपावली में मिट्टी के दीयों से रोशन हो रही उम्मीदें

Updated at : 16 Oct 2025 11:20 PM (IST)
विज्ञापन
दीपावली में मिट्टी के दीयों से रोशन हो रही उम्मीदें

चाइनीज झालरों के बीच कुम्हारों की परंपरा को जिंदा रखने की जद्दोजहद

विज्ञापन

बदलते वक्त के साथ त्योहारों को मनाने की परंपरा में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. दीपावली, जो रोशनी और रिश्तों का त्योहार माना जाता है, अब बाजार की चकाचौंध के बीच भी परंपराओं को बचाये रखने की कोशिशों का प्रतीक बन गया है. पोड़ैयाहाट के शांति नगर और बरमसिया पंडित टोला में इन दिनों चाक पर घूमते पहिए, मिट्टी से सने हाथ और दीये बनाते चेहरे यह संदेश दे रहे हैं कि दीपावली अब भी मिट्टी के दीयों के बिना अधूरी है. कुम्हार सीताराम पंडित और उनका परिवार इन दिनों दिन-रात मेहनत कर दीये बनाने में जुटा हुआ है. वे सुबह से लेकर देर शाम तक चाक चलाकर रोज़ 1000 से 1200 दीये बनाते हैं, जिनकी कीमत प्रति दीया एक रुपये है. वह बताते हैं कि यह हमारे पूर्वजों से मिली विरासत है. बस पेट पालने भर की कमाई हो जाती है, पर इस कला को जिंदा रखना हमारा फर्ज है.

बाजार में घटती मांग, चाइनीज झालरों का बढ़ता प्रभाव

सीताराम पंडित की तरह कई कुम्हारों का कहना है कि आज के दौर में मिट्टी, जलावन और बाजार तीनों की भारी किल्लत है. ऊपर से चाइनीज झालरों की भरमार ने मिट्टी के दीयों की मांग को और घटा दिया है. पहले जहां लोग घर-घर दीयों से दीपावली सजाते थे, अब रंग-बिरंगी बिजली की झालरें उनकी जगह ले चुकी हैं. दीये नहीं बिकने से कुम्हारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. अगर सरकार या समाज इन्हें उपयुक्त बाजार और मंच दे, तो न केवल इनकी रोजगार में वृद्धि होगी बल्कि प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से भी राहत मिलेगी. लोक मान्यता है कि दीपावली पर जलने वाले दीयों की लौ से वातावरण में मौजूद कई हानिकारक कीट-पतंगे नष्ट हो जाते हैं. इससे न केवल वातावरण शुद्ध होता है बल्कि सांस्कृतिक परंपराएं भी जीवित रहती हैं. दीपावली की रौशनी के पीछे कुम्हारों की यह मेहनत न केवल हुनर की पहचान है, बल्कि परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक भी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANJEET KUMAR

लेखक के बारे में

By SANJEET KUMAR

SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola