करोड़ों की लागत से लगाया गया जल शुद्धीकरण यंत्र, फिर भी पेयजल के लिए तरस रहे प्रभावित

Updated at : 11 May 2025 10:34 PM (IST)
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करोड़ों की लागत से लगाया गया जल शुद्धीकरण यंत्र, फिर भी पेयजल के लिए तरस रहे प्रभावित

परियोजना प्रभावितों को मिले शुद्ध आरओ वाटर विषय पर बोले आवासीय कॉलोनी के लोग

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राजमहल कोल परियोजना प्रभावित क्षेत्र ललमटिया के ईसीएल के पुराने आवासीय कॉलोनी परिसर में प्रभात संवाद का आयोजन किया गया. संवाद में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता व बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लिया, जिसमें ‘परियोजना प्रभावित लोगों को मिले शुद्ध आरओ वाटर’ विषय पर मांगों को रखा. कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनियन नेता रामजी साह ने किया. क्षेत्र के ग्रामीणों ने बेबाकी से अपनी समस्याओं को रखते हुए कहा कि उन्हें आज सबसे ज्यादा परेशानी शुद्ध पेयजल की है. राजमहल परियोजना से क्षेत्र प्रभावित है, लेकिन क्षेत्र के लोगों के पास समस्याओं का अंबार है. परियोजना लोगों की जमीन अधिग्रहण कर कोयला खनन करती है, करोड़ों रुपये मुनाफा अर्जन करती है. इसके बावजूद क्षेत्र के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं. प्रबंधन की ओर से आवासीय कॉलोनी में करोड़ों की लागत से जल शुद्धीकरण यंत्र तो लगाया गया, मगर बेकार है. यहां के लोगों को पानी के लिए हर दिन परेशानी झेलना पड़ता है. ग्रामीण खरीद कर पानी पी रहे हैं. गांव के लोगों द्वारा बार-बार कहे जाने के बावजूद अब तक इस दिशा में प्रयास नहीं किया जा रहा है. साथ ही परियोजना भी मामले में दिलचस्पी नहीं ले रही है. सभी का कहना था कि अविलंब आरओ वाटर के माध्यम से पानी की सुविधा मिले. कार्यक्रम का संचालन ध्रुव कुमार ने किया.

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