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Poreyahat Vidhan Sabha Result 2024: प्रदीप यादव को बड़ी बढ़त, देवेंद्र नाथ पिछड़े

Updated at : 23 Nov 2024 11:32 AM (IST)
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Poreyahat Vidhan Sabha Result 2024: प्रदीप यादव को बड़ी बढ़त, देवेंद्र नाथ पिछड़े

Devendranath Singh and Pradeep Yadav

Poreyahat Chunav Result 2024: वर्ष 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में पोड़ैयाहाट विधानसभा सीट पर मुख्य मुकाबला जेवीएम ( झारखंड विकास मोर्चा) और भाजपा के बीच था. JVM से प्रदीप यादव को 77350 (41 प्रतिशत) वोट मिले. वहीं, भाजपा के गजाधर सिंह को 63761 (33.8 प्रतिशत) वोट मिले.

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Poreyahat Assembly Election Result 2024: झारखंड के पोड़ैयाहाट सीट से जेवीएम के प्रदीप यादव लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं. लेकिन, इस बार वे कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरे हैं. भाजपा के देवेंद्रनाथ सिंह का कांग्रेस के प्रत्याशी प्रदीप यादव को सीधी टक्कर दे रहे हैं. हालांकि, झारखंड में नवोदित पार्टी जेएलकेएम ने भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं. अभी हाल ही में इस सीट पर विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं. आज 23 नवंबर 2024 को मतगणना है. देखना यह है कि इस बार के चुनाव में जीत किसे मिलेगी.

चुनावी मैदान में ताल ठोकने वाले उम्मीदवार

उम्मीदवारों के नामपार्टियों के नाम
देवेंद्रनाथ सिंहभाजपा
प्रदीप यादवकांग्रेस
संजय यादवबसपा
अरुण कुमारन्यायधर्मसभा
जयप्रकाश दासलोकहित अधिकार पार्टी
प्रवीण कुमारजेएलकेएम
रामचंद हेंब्रमभाकपा
जेवियर यादवनिर्दलीय
ठाकुर विक्रम सिंहनिर्दलीय
बाबुलाल टुडुनिर्दलीय
मुकेश कुमार झानिर्दलीय
मुुकेश टुडुनिर्दलीय
राजेंद्र पंडितनिर्दलीय

प्रदीप यादव 2 बार जेवीएम और एक बार बीजेपी के टिकट पर जीते

पोड़ैयाहाट विधानसभा सीट से प्रदीप यादव लगातार 3 बार विधायक चुने गए हैं. लगातार 3 बार विधायक बनने वाले इकलौते नेता हैं. वर्ष 2005 के चुनाव में भाजपा के प्रदीप यादव ने पहली बार जीत हासिल की. उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के तत्‍कालीन विधायक प्रशांत कुमार को हराया. वर्ष 2009 के चुनाव में प्रदीप यादव ने फिर से विधानसभा चुनाव जीता. इस बार वह झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे. वर्ष 2014 में उन्‍होंने झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक बने.

पोड़ैयाहाट में भाजपा को फिर जेवीएम से मिली मात

वर्ष 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में पोड़ैयाहाट विधानसभा सीट पर मुख्य मुकाबला जेवीएम ( झारखंड विकास मोर्चा) और भाजपा के बीच था. JVM से प्रदीप यादव को 77350 (41 प्रतिशत) वोट मिले. वहीं, भाजपा के गजाधर सिंह को 63761 (33.8 प्रतिशत) वोट मिले. इस चुनाव में पोड़ैयाहाट विधानसभा क्षेत्र में कुल 274662 मतदाता थे. इनमें से 188662 यानी 68.69 प्रतिशत ने मतदान किया था.

2014 में प्रदीप यादव ने भाजपा के देवेंद्र नाथ सिंह को हराया

पोड़ैयाहाट विधानसभा सीट से वर्ष 2014 में जेवीएम के उम्मीदवार प्रदीप यादव ने भाजपा के देवेंद्र नाथ सिंह को पराजित किया. प्रदीप यादव को 64036 (35.51 प्रतिशत) वोट मिले, तो भाजपा के देवेंद्र नाथ सिंह को 52878 (29.33 प्रतिशत) वोट मिले. वह दूसरे स्थान पर और झामुमो के अशोक कुमार तीसरे स्थान पर रहे. इस चुनावी वर्ष में कुल 180310 (68.52 प्रतिशत) लोगों ने मतदान किया. कुल मतदाताओं की संख्या 263155 थी.

जेवीएम के टिकट पर चुनाव लड़े प्रदीप यादव और जीते

वर्ष 2009 के झारखंड विधानसभा चुनाव में पोड़ैयाहाट विधानसभा सीट से जेवीएम के टिकट पर प्रदीप यादव ने चुनाव लड़ा. दूसरे स्थान पर झामुमो के सूरज मंडल और भाजपा के प्रशांत कुमार तीसरे स्थान पर रहे. इस चुनावी वर्ष में कुल मतदाताओं की संख्या 219806 थी, जिसमें से 139137 (63.30 प्रतिशत) लोगों ने मतदान किया. प्रदीप यादव को 67105 (48.23 प्रतिशत), सूरज मंडल को 30401 (31.85 प्रतिशत) और प्रशांत कुमार को 24133 (17.34 प्रतिशत) वोट मिले थे.

भाजपा के टिकट पर प्रदीप यादव ने झामुमो के प्रशांत को हराया

वर्ष 2005 के झारखंड विधानसभा चुनाव में पोड़ैयाहाट विधानसभा सीट पर प्रदीप यादव ने जीत दर्ज की थी. वह भाजपा के टिकट पर चुनाव के मैदान में उतरे थे. प्रदीप यादव को 72342 वोट मिले थे. दूसरे स्थान पर झामुमो की ओर से चुनाव लड़ने वाले प्रशांत कुमार को 48050 वोट मिले थे. इस वर्ष कुल 137635 लोगों ने मतदान किया था.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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