भक्ति और संस्कृति का संगम, मां काली और शिव तांडव के रूप में दिखा बच्चों का नृत्य

गोड्डा में चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर बच्चों ने प्रस्तुत किया भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम
गोड्डा के गुलजार बाग में मॉ चैती दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से देर रात शहर के विभिन्न संस्थानों से जुड़े बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. विभिन्न भाव और मुद्राओं के माध्यम से बच्चों ने अपने कला प्रदर्शन से उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन एसडीओ वैद्यनाथ उरांव और डीसीएलआर ने किया. इस अवसर पर श्री उरांव ने गोड्डा की पहचान को बताते हुए कहा कि यहां भक्ति और संस्कृति लोगों के जीवन में गहराई से जुड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि गोड्डा में किसी भी पर्व और त्योहार के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम लोगों में उत्साह और उमंग भर देते हैं. विशेष रूप से बासंती दुर्गा पूजा के अवसर पर होने वाले कार्यक्रम जनमानस के लिए सुखद अनुभव बन जाते हैं. कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने भक्तिगीत पर शानदार नृत्य का प्रदर्शन किया. मंचन में मां काली के स्वरूप से लेकर शिव तांडव तक को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम के दौरान मंचासीन कमेटी संरक्षक पांडेय मुरलीधर, अध्यक्ष दिलीप साह, सचिव अमृत पांडेय, उपाध्यक्ष सुनील यादव, कोषाध्यक्ष अशोक साह के अलावा पूर्व नपा अध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल भी उपस्थित थे. कमेटी के सभी पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया.
गोड्डा में रामनवमी के दिन निकलेगा भव्य विसर्जन जुलूस
गोड्डा में रामनवमी के दूसरे दिन मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान भव्य जुलूस का आयोजन किया जायेगा. वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, माता रानी की प्रतिमा के विसर्जन के अवसर पर घोड़ा और बैंड बाजा के साथ शहर और आसपास के लगभग दो दर्जन गांवों के लोग अखाड़ा लेकर गुलजार बाग पहुंचेंगे और विसर्जन तक जुलूस में शामिल होंगे. विसर्जन की तैयारियां लगातार दो दिन पहले से की जाती हैं. इसके लिए आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों जैसे कनवारा, परसा, भेंडा, हरीपुर, बेलारी, सरोतिया, मछिया, सिउमरड़ा, चिलौना, भदरांय, रामपुर और रंगमटिया में समिति के पदाधिकारी जाकर लोगों को जुलूस में शामिल होने का आमंत्रण देते हैं. माता रानी के मंदिर के सामने भव्य श्रीराम दरबार स्थापित किया गया है. राम दरबार में प्रभु श्रीराम के साथ माता सीता, लक्ष्मण और श्री हनुमान जी की मूर्तियां भी रखी गयी हैं. यहां पहली पूजा से लेकर नवीं तिथि यानी रामनवमी तक 24 प्रहर रामधुन का आयोजन किया जाता है. आसपास के गांवों की कीर्तन मंडलियां प्रभु श्रीराम के दरबार में भक्ति भाव से शामिल रहती हैं.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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