Godda: दवा दुकानदारों की हड़ताल से करीब 5 करोड़ का कारोबार प्रभावित, मरीज रहे परेशान

Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 20 May 2026 6:32 PM

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बंद पड़ी दवा दुकान

Godda: गोड्डा में दवा दुकानदारों की हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिखा. मेडिकल स्टोर बंद रहने से जहां मरीज परेशान रहे, वहीं करीब 5 करोड़ रुपये का कारोबार भी प्रभावित हुआ. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

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Godda: अखिल भारतीय मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को गोड्डा जिले के तमाम दवा दुकानदारों ने अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं. इस एक दिवसीय बंद के दौरान दवा व्यवसायियों ने अभूतपूर्व एकजुटता का परिचय दिया, लेकिन इसके कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा और दिनभर मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. लोग डॉक्टर की पर्ची लेकर इधर-उधर भटकते दिखाई दिए. गंभीर मरीजों को भी दवा मिलने में परेशानी हुई.

5 करोड़ के कारोबार पर लगा ग्रहण

एसोसिएशन के इस बंद का असर गोड्डा के दवा बाजार पर व्यापक रूप से देखा गया. स्थानीय सूत्रों और व्यापारिक आकलनों के अनुसार, जिले की सभी छोटी-बड़ी खुदरा और थोक दवा दुकानें बंद रहने से करीब 5 करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ है. सुबह से ही शहर के मुख्य बाजार, अस्पताल रोड, असनबनी चौक और ग्रामीण इलाकों की दवा दुकानों के शटर गिरे रहे.

दवाइयों के लिए भटकते रहे मरीज और परिजन

एक तरफ जहां दुकानदारों ने विभिन्न मांगों को लेकर अपनी एकजुटता दिखाई, वहीं दूसरी तरफ इस बंद का सबसे बड़ा खमियाजा आम जनता और मरीजों को भुगतना पड़ा. सदर अस्पताल और विभिन्न निजी क्लीनिकों में आने वाले मरीज और उनके परिजन जीवन रक्षक दवाओं के लिए दिनभर एक दुकान से दूसरी दुकान भटकते नजर आए. मरीज मेरी हेम्ब्रम, प्रतिमा कुमारी, अशोक मंडल आदि ने बताया कि डॉक्टर ने पर्चा तो लिख दिया, लेकिन पूरे शहर में कहीं भी दवा नहीं मिल रही है. आपातकालीन स्थिति में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

एसोसिएशन ने जताया एकजुटता का आभार

गोड्डा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बंद को पूरी तरह सफल बताया. उन्होंने कहा कि यह बंद उनकी जायज मांगों और हक की लड़ाई के लिए था. जिले के सभी दुकानदारों ने स्वैच्छिक रूप से अपनी दुकानें बंद रखकर संगठन की ताकत और एकता का परिचय दिया है. हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को ध्यान में रखते हुए कुछ जगहों पर सीमित व्यवस्था की बात कही गई थी, लेकिन आम दिनों की तुलना में मरीजों की परेशानी बेहद ज्यादा रही. देर शाम तक दुकानें बंद रहने के बाद, अब अगले दिन से दवा दुकानों के सामान्य रूप से खुलने की उम्मीद है, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी.

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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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