पहली बार सदर अस्पताल में मोतियाबिंद मरीजों का आयुष्मान से हो रहा निशुल्क इलाज, 250 से अधिक मरीजों का किया गया है उपचार
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 10 Jan 2025 11:22 PM
गोड्डा सदर अस्पताल ने शुरू की पहल, लेजर से नेत्र मरीजों का किया जा रहा समुचित उपचार
गोड्डा सदर अस्पताल की ओर से इस बार नयी व बेहतर पहल की गयी है. सदर अस्पताल में मोतियाबिंद के मरीजों का आयुष्मान के तहत निशुल्क उपचार किया जा रहा है. सदर अस्पताल में आंख से जुड़े मोतियाबिंद के अलावा अन्य समस्या जैसे ग्लूकोमा आदि की भी अत्याधुनिक मशीन से उपचार करने की सुविधा मुहैया करायी जा रही है. मोतियाबिंद का ऑपरेशन प्रत्येक बुधवार को किया जा रहा है. इससे गरीब व जरूरतमंद मरीजों को हर प्रकार की चिकित्सकीय सुविधा दी जा रही है. जानकारी के अनुसार अब तक 250 से अधिक मोतियाबिंद के मरीजों का उपचार इस मशीन के माध्यम से किया जा चुका है. पहले यह सुविधा सदर अस्पताल में नहीं थी. मशीन उपलब्ध कराये जाने के बाद सदर अस्पताल के नेत्र चिकित्सक डॉ अंगेश द्वारा जिले के रोगियों को निशुल्क उपचार किया जा रहा है. अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अरविंद ने बताया कि लोगों को इसका लाभ लेना चाहिये. जब सदर अस्पताल में उपचार की सुविधा है, तो लोगों को भटकने की क्या आवश्यकता है.
पहले इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में रहते थे निर्भर
मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए पहले प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता था. वहां मरीजों को आर्थिक परेशानी होती थी. साथ ही साथ अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता था. हालांकि बीच-बीच में मोतियाबिंद के ऑपरेशन को लेकर निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाता था. लेकिन वह भी अनियमित तरीके से होता था. महागामा में एक बार मोतियाबिंद के ऑपरेशन में कई लोगों के आंखों की रोशनी चली गयी थी. छोटे तबके के परिवार के लोग तो यहां-वहां ऑपरेशन करा लेते थे. लेकिन आज भी मोतियाबिंद के लिए नेपाल जाना ही ज्यादा बेहतर समझते हैं. परंतु इस बार सदर अस्पताल में ही यह सुविधा लोगों को मुहैया करायी जा रही है. वह भी नहीं के बराबर खर्च पर. क्योंकि आयुष्मान के तहत खर्च की सुविधा सरकार वहन करेगी.इस इलाज के लिए संताल के जिले में गोड्डा का पहला स्थान
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मशीन से इलाज कराये जाने की सुविधा संताल के बहुत जिलों में नहीं है. गोड्डा संभवत: अब तक इकलौता जिला है, जिसमें इस प्रकार के अत्याधुनिक मशीन से मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जा रहा है. पड़ोस के जिले दुमका, पाकुड़, जामताड़ा व साहेबगंज जिले में इस प्रकार की चिकित्सकीय सुविधा का अभाव है. वहां के अस्पताल में अभी भी इस विधि से उपचार नहीं हो रहा है.
प्रत्येक बुधवार के दिन रोगियों की जांच कर आंख का सफल ऑपरेशन लेजर मशीन से किया जाता है. मरीजों को निशुल्क दवा आदि भी प्रदान की जाती है. अब तक 250 से अधिक मरीजों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है. वंचित व जरूरतमंद मरीजों को इसकी सुविधा निश्चित रूप से लेनी चाहिये.-डॉ अंगेश, नेत्र चिकित्सक, सदर अस्पताल गोड्डाB
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