राजमहल परियोजना क्षेत्र में खनन के साथ विकास की रफ्तार तेज

नवनिर्मित सीएचपी व खनन क्षेत्र का महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता पर दिया जोर
राजमहल कोल परियोजना के नवनिर्मित सीएचपी (कोल हैंडलिंग प्लांट) और खनन क्षेत्र का निरीक्षण शनिवार को ईसीएल के महाप्रबंधक (सिविल) मानस कुमार साहू ने किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति पर संतोष जताया और संबंधित संवेदकों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया. महाप्रबंधक ने कहा कि राजमहल परियोजना न केवल कोयला उत्पादन में अग्रणी है, बल्कि क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की पेयजल समस्या को हल करने के लिए पाइपलाइन के माध्यम से पानी आपूर्ति की योजना पर कार्य तेज़ी से जारी है. परियोजना से जुड़े पुनर्वास स्थलों पर सभी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. उन्होंने यह भी बताया कि यह परियोजना ईसीएल की प्रमुख परियोजनाओं में से एक है, जिससे फरक्का और कहलगांव एनटीपीसी को कोयले की आपूर्ति की जाती है. इससे न केवल झारखंड बल्कि कई अन्य राज्यों की बिजली आपूर्ति निर्बाध बनी रहती है. महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि परियोजना विस्तार के लिए भूमि की आवश्यकता होने पर रैयतों को आर.आर. पॉलिसी के तहत सभी सुविधाएं दी जाती हैं. निरीक्षण के दौरान सिविल मैनेजर गौरव कुमार, संजीव कुमार समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे.
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