गंगटा तालाब खुदाई में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं. इसी क्रम में बसंतराय प्रखंड की कदमा पंचायत अंतर्गत मेदनीचक गांव के समीप लघु सिंचाई विभाग द्वारा
सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं. इसी क्रम में बसंतराय प्रखंड की कदमा पंचायत अंतर्गत मेदनीचक गांव के समीप लघु सिंचाई विभाग द्वारा राज्य संपोषित योजना मद से कराये जा रहे गंगटा तालाब की खुदाई कार्य में ग्रामीणों ने भारी अनियमितता का आरोप लगाया है, ग्रामीणों के अनुसार तालाब निर्माण कार्य की स्वीकृत राशि 38 लाख 26 हजार 800 रुपये है, लेकिन कार्यस्थल पर अब तक योजना संबंधी सूचना पट्ट भी नहीं लगाया गया है. आरोप है कि संवेदक द्वारा मनमाने ढंग से मिट्टी की कटाई कर विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कार्य को पूर्ण दिखाने का प्रयास किया जा रहा है. स्थानीय ग्रामीण मो. अफरोज आलम, मो. मुर्शीद, रुदल राय, मो. नजाम, नईमुद्दीन, संजय यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि प्राक्कलन में निर्धारित लंबाई, चौड़ाई और गहराई के अनुरूप तालाब की खुदाई नहीं की गयी है. उनका कहना है कि किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने तथा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तालाब का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जहां लगभग सात फीट गहराई तक खुदाई होनी चाहिए थी, वहां मात्र डेढ़ से दो फीट तक ही खुदाई की गयी है. ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब की पर्याप्त गहराई नहीं होने के कारण उसमें पर्याप्त मात्रा में जल संचय नहीं हो सकेगा, जिससे किसानों को सिंचाई सुविधा का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा. उनका कहना है कि इससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है तथा सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गयी है.
डीसी, डीडीसी और कार्यपालक अभियंता को सौंपा आवेदन
मामले को लेकर ग्रामीणों ने डीसी, डीडीसी तथा लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता को लिखित आवेदन देकर उच्चस्तरीय जांच कराने एवं दोषी संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि जांच के माध्यम से सरकारी राशि के दुरुपयोग पर रोक लगाई जानी चाहिए. जिला परिषद सदस्य अरशद बहाव ने भी तालाब खुदाई कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि तालाब की खुदाई प्राक्कलन के अनुसार नहीं हुई है. यदि तालाब की गहराई पर्याप्त नहीं होगी तो उसमें पानी का संचय नहीं हो पाएगा और किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ नहीं मिल सकेगा. उन्होंने बताया कि इस तालाब से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है. इसलिए योजना को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाना आवश्यक है. उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की.क्या कहते हैं कनीय अभियंता
स्थानीय ग्रामीणों से तालाब खुदाई कार्य के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संवेदक को निर्धारित प्राक्कलन एवं विभागीय मानकों के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया है. निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा योजना का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा.-रामचंद्र निराला, कनीय अभियंता, लघु सिंचाई विभाग
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










