पूर्वजों की याद में आदिवासी विधि-विधान से कराम पर्व

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प्रत्येक वर्ष नये फसल के आगमन पर पूर्वजों को याद करते हुए मनाते हैं पर्व

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बोआरीजोर प्रखंड के दलदली गोपालपुर पंचायत के रामकोल खपरैल टोला में आदिवासी विधि-विधान से कराम पर्व मनाया गया. इस दौरान आदिवासी समुदाय के लोगों द्वारा कराम नृत्य का आयोजन किया गया. नृत्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले महुआ टोला के ग्रामीणों को सात हजार रुपये एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दलदली गोपालपुर गांव की टीम को तीन हजार रुपया देकर पूर्व विधायक लोबिन हेंब्रम एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य रामजी साह ने संयुक्त रूप से पुरस्कार देकर सम्मानित किया. इस अवसर पर अतिथि ने कहा कि आदिवासी समुदाय के लोग प्रत्येक वर्ष नया फसल के आगमन पर अपने पूर्वजों को याद करते हुए यह पर्व मनाते हैं. पर्व के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि अपना धर्म एवं संस्कार को कभी नहीं भूलना चाहिए. आदिवासी की पहचान अपनी संस्कृति एवं धर्म से होती है. पूर्वजों द्वारा बनाये गये सभी नियमों का अपना महत्व होता है और उसके अंदर छिपी हुईं महत्वपूर्ण बातें होती है. मौके पर मुखिया प्रतिनिधि मिस्त्री हांसदा, ग्राम प्रधान तला कुड़ा हांसदा, प्रमोद सोरेन, मुकेश सोरेन, ठाकुर हांसदा, संदीप सोरेन, हेमलाल सोरेन, विक्रम सोरेन, शिवलाल आदि उपस्थित थे.

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