नरक की जिंदगी जी रहे हैं इसीएल प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण : अनिता
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 26 Jun 2024 12:02 AM
भाजपा नेत्री ने इसीएल प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा
राजमहल कोल परियोजना के प्रभावित छोटा भोराय गांव के ग्रामीण नरक की जिंदगी जी रहे हैं. परियोजना प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों की जमीन 2015 में अधिग्रहण किया गया था. जमीन के बदले में नौकरी रैयतों को दी गयी. लेकिन गांव का पुनर्वास नहीं किया गया. नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी पुनर्वास नहीं होने पर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए भाजपा नेत्री अनिता सोरन को अपना दर्द सुनाया. गांव का निरीक्षण करते हुए भाजपा नेत्री ने कहा कि ग्रामीण के साथ परियोजना प्रबंधन दोनीति कर रही है. गांव के बगल में कोयला खनन का कार्य किया जा रहा है तथा हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामीण परेशान हैं. प्रबंधन किसी भी समय ब्लास्टिंग कर देता है तथा ब्लास्टिंग के दौरान मिट्टी व कोयले का टुकड़ा तेज रफ्तार से गांव में गिरता है. इससे जान माल का खतरा बना रहता है. ग्रामीण घर बनाने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं. लेकिन प्रबंधन जमीन नहीं दे रहा है, जिससे ग्रामीणों का पुनर्वास नहीं हो पा रहा है. कई ग्रामीणों को मुआवजा भी प्रबंधन द्वारा नहीं दिया गया है. 18 वर्ष से कम उम्र वाले व्यक्ति को घर बनाने का जमीन नहीं दिया जाना बिल्कुल गलत है. भाजपा नेत्री ने बताया कि प्रबंधन क्षेत्र में दोहरी नीति अपना रही है. कुछ दबंग व्यक्ति को सारी सुविधाएं दी जाती है. लेकिन गरीब ग्रामीण को प्रशासन का डर दिखाकर शोषण किया जा रहा है. भाजपा नेत्री ने गांव के बगल में हो रहे कोयला खनन कार्य को बंद करते हुए कहा कि गांव को पहले पुनर्वास किया जाए, उसके बाद खनन का कार्य किया जाये.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










