डिजिटल इंडिया के जमाने में उपभोक्ताओं को उपयोग करने में सावधानी की जरूरत

Updated at : 18 Mar 2025 11:12 PM (IST)
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डिजिटल इंडिया के जमाने में उपभोक्ताओं को उपयोग करने में सावधानी की जरूरत

मोबाइल टेलीकॉम कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मोरडीहा पंचायत के उत्क्रमित 2 हाई स्कूल में छात्र-छात्राओं को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई ) के सौजन्य से प्रगति एजुकेशनल एकेडमी (रांची) की ओर से मोबाइल टेलीकॉम कंपनियों उपभोक्ताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम का उदघाटन संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बबीता कश्यप, प्रधानाचार्य केशव कुमार, संस्था के पदाधिकारी डॉ विकास चतुर्वेदी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों को शॉल देकर स्वागत किया गया. इस अवसर पर प्रगति एजुकेशनल एकेडमी के प्रोग्राम मैनेजर डॉ विकास चतुर्वेदी द्वारा प्रसारण नीतियां और नियामक ढांचा के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूकता करते हुए कहा कि आज डिजिटल इंडिया का जमाना है. इस क्षेत्र में देश ने काफी प्रगति किया है. उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत हुआ है. इसके उपयोग में बड़ी सावधानी की जरूरत है. जरा सी लापरवाही होने पर आपका खून-पसीने से कमाये लाखों रुपये लूट ली जाएगी और आपको पता भी नहीं चलेगा.

सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग करते समय बरतें सावधानी

खास कर ग्रामीणों को सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग करते समय किसी भी तरह के फॉर्म भरते समय या रुपये के लेन-देन करते समय काफी सावधानी बरतने की जरूरत है. साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि अनचाहे कॉल से डीएनडी 2.0 एप के द्वारा कैसे बचा जाये. अगर किसी टेलीफोन कंपनी का सिम आपके क्षेत्र में काम नहीं कर रहा हो और आप को कॉल करने में परेशानी महसूस हो रही है, तो आप किसी दूसरे टेलीफोन कंपनी में पोर्ट एमएनपी कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि लोग आज टावर लगाने के नाम से भी ठगी कर रहे हैं. उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम ऐसे आयोजन लगातार ग्रामीण क्षेत्र में किये जाने की अत्यंत आवश्यकता है, ताकि भोले-भाले ग्रामीण ठगी के शिकार न हो. संस्था की बबीता कश्यप द्वारा बताया गया कि कोई भी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर उपभोक्ताओं के साथ धोखा नहीं कर सकती है. ट्राई द्वारा बनाये गये नियमों के तहत उपभोक्ता को सारी सुविधा देनी है. उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार हो सकते हैं और उपभोक्ता को यह पता भी नहीं चलता है कि वह ठगी का शिकार हो रहे हैं. जब ठगी हो जाती है, तब उन्हें पता चलता है कि वे ठगी के शिकार हो गये हैं, तो इसकी शिकायत कहां करें. इसकी जानकारी नहीं होती. इस ठगी से बचने की जरूरत है.

ठगी से बचाव के लिए बच्चों को भी मोबाइल से दूर रखने की जरूरत

बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की जरूरत है, ताकि कोई भी बटन न दबायें और आप ठगी का शिकार न हो जायें. इसलिए ग्रामीणों से अनुरोध किया गया कि वे खुद सुरक्षित रहें और दूसरे को भी सुरक्षित रखें. इनके द्वारा बताया गया कि साइबर क्राइम से बचने का सबसे अच्छा उपाय है कि आप अपना व्यक्तिगत जानकारी कभी भी किसी से साझा नहीं करें. बबिता कश्यप द्वारा धन्यवाद देकर कार्यक्रम का समापन किया गया. इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक अमर बहादुर सिंह, संजय कुमार चौधरी, प्रदीप मंडल, सिद्धार्थ मिश्रा, अनिल कुमार झा, रामचंद्र प्रसाद, मनोज कुमार यादव आदि उपस्थित थे.

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