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मुआवजे की राशि व मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सरकार से जारी रखेंगे लड़ाई : डॉ निशिकांत दुबे

Updated at : 13 Jan 2025 5:32 AM (IST)
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मुआवजे की राशि व मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सरकार से जारी रखेंगे लड़ाई : डॉ निशिकांत दुबे

सांसद के डांगापाड़ा पहुंचने की सूचना पर नौ माह बाद कल्याण विभाग आया हरकत में, पांच लाख रुपये दिया मुआवजा

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गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे आज सुंदरपहाड़ी प्रखंड के बड़ा डांगापाड़ा गांव पहुंचकर स्व हरिनारायण पहाड़िया की विधवा सीता पहाड़ीन से मुलाकात कर उनकी परेशानी को सुना. इस दौरान श्री दुबे करीब एक घंटे तक गांव के प्रिमिटिव ऐप पहाड़िया जनजाति के लोगों से आवश्यक जानकारी ली. इस दौरान श्री दुबे को बताया गया कि उनके पहाड़िया पीड़ित परिवार से मुलाकात करने डांगापाड़ा आने की सूचना से महज एक दिन पहले जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा स्थानीय तौर पर गुजर-बसर करने व बच्चे की पढ़ाई के लिए आउटसोर्सिंग कंपनी से 15 हजार रुपये का रोजगार उपलब्ध कराया है. यह भी जानकारी मिली की सरकार की ओर से 15 लाख रुपये मुआवजा की जगह अब तक मात्र 5 लाख रुपये ही सीता पहाड़ीन को दिया गया है. सांसद के समक्ष सीता पहाड़ीन के अलावा ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लगातार अप्रैल माह से जिला प्रशासन की ओर से इस मामले पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही थी. सांसद के आने की सूचना के बाद स्वयं कल्याण पदाधिकारी आनन-फानन में उनके घर रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर पत्र दिया गया है. सांसद ने सभी पहाड़िया लोगों के अलावा पीड़ित परिवार को विश्वास दिलाया कि हरहाल में उनके मुआवजे की राशि व मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधा को लेकर सरकार से लड़ाई जारी रखेंगे. बताते चलें कि 17 अप्रैल 2024 की शाम सुंदरपहाड़ी के बड़ा डांगा पाड़ा में शौच के क्रम में सुंदरपहाड़ा की पुलिस ने हरिनारायण पहाड़िया पर गोली चला दिया था, जिसमें उसकी मौत अस्पताल लाने के क्रम में हो गयी थी.

घटना के ठीक दूसरे दिन सांसद पहुंचे थे डांगापाड़ा

मामले को लेकर गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे 18 अप्रैल को सुंदरपहाड़ी के डांगापाड़ा गांव पहुंचे थे. सांसद की पहल पर ही ग्रामीणों ने मृतक के शव का अंतिम संस्कार किया था. इस दौरान सांसद ने परिवार के लोगों को विश्वास दिलाते हुए डीजीपी एवं मुख्य सचिव से बात कर मुआवजा के साथ पत्नी को नौकरी की मांग की थी. घटना के नौ माह बीत जाने के बावजूद अब तक मृतक के परिवार को मात्र पांच लाख रुपये ही मिल सकी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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