खदान के मलबे से 13 शव निकाले गये, लगभग 30 अब भी हैं जमींदोज

Published at :30 Dec 2016 9:57 PM (IST)
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खदान के मलबे से 13 शव निकाले गये,  लगभग 30 अब भी हैं जमींदोज

।।प्रभात खबर टोली।। गोड्डा : इसीएल की राजमहल कोल परियोजना में खदान धंसने की घटना के बाद शुक्रवार शाम तक 11 कर्मियों के शव निकाले गये.शनिवार की सुबह मिली सूचना के अनुसार, दो अौर शवों को बाहर निकाल लिया गया है. इस तरह अबतक कुल 13 शव निकाले जा चुके हैं. शुक्रवार को निकाले गये […]

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।।प्रभात खबर टोली।।
गोड्डा : इसीएल की राजमहल कोल परियोजना में खदान धंसने की घटना के बाद शुक्रवार शाम तक 11 कर्मियों के शव निकाले गये.शनिवार की सुबह मिली सूचना के अनुसार, दो अौर शवों को बाहर निकाल लिया गया है. इस तरह अबतक कुल 13 शव निकाले जा चुके हैं. शुक्रवार को निकाले गये शवों में10 की शिनाख्त हो चुकी है, जबकि एक की शिनाख्त नहीं हो पायी है. अब भी मलबे में 30 लोगों के दबे होने की आशंका जतायी जा रही है. एनडीआरएफ-9 बटालियन की टीम दोपहर तीन बजे रेस्क्यू के लिए पहुंची. शाम 6.30 बजे से एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया़ इसी दौरान एक और शव निकाले गये.
डेंजर जोन में हो रहा था काम : खदान का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा करीब 900 मीटर खायी में समा गया है. इस जोन को वर्षों पहले डेंजर जोन घोषित किया गया था. ललमटिया कोल माइंस का सबसे डीप जोन भी था. यहां काम बंद करा दिया गया था. इसके बावजूद वर्ष 2012 में महालक्ष्मी खनन कंपनी को यहां कोयला खनन की अनुमति दी गयी थी. इस खदान में पहले भी तीन बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं. छह माह पहले भी तीन वाहन खाई में समा गये थे.
ब्लास्टिंग के दौरान हुआ हादसा : सुपरवाइजरों, ड्राइवरों व मजदूरों की मानें तो वहां छोटे से जगह में फंसे कोयले को निकालने के लिए गुरुवार शाम चार बजे ब्लास्ट किया गया. उस वक्त नीचे 80 मशीन व पे लोडर काम में जुटे थे. उन लोगों को ब्लास्टिंग के बाद स्लाइडिंग का आभास हुआ. कर्मी जबरन वहां से मशीन लेकर चले आये. यदि वे वहां से नहीं हटते तो सैंकड़ों जाने जा सकती थीं.
मलबा हटाने के बजाय रातों-रात बनायी सड़क : करीब एक किलोमीटर के एरिया का खदान धंसने के बाद अफरातफरी में घटनास्थल के केंद्र बिंदु पर मलबा हटाने के बजाय रातोंरात वहां सड़क बना दी गयी. शुक्रवार को जब डीजीपी व मुख्य सचिव जिस जगह पर खड़ा होकर मुआयना कर रहे थे, वहां नीचे मलबा में 40 कर्मी और मशीनें दबी हुई थीं.
एसडीओ ने उपलब्ध करायी सूची : उधर, महगामा अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडेय ने एक सूची मीडिया को उपलब्ध करायी है़ जिसके अनुसार, मलबे में अभी 26 लोग दबे हैं, लेकिन वहां काम कर रहे कंपनी के लोगों के अनुसार, अब भी करीब 30 लोग दबे हैं. 11 लोगों के शव निकाले गये. घटना के वक्त करीब 41 लोग वहां काम कर रहे थे. साथ ही 25 पे लोडर, छह मशीन, एक डोजर भी मलबे में समा गये हैं. तीन मशीन बाहर निकाली गयी है़
राजबाला वर्मा, मुख्य सचिव, झारखंड
राजबाला ने कहा, अब तक 11 लोगों के शव निकाले गये हैं और जो भी मलबे में दबे हैं, उन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है. कितने लोग दबे हैं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. दोषियों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है.
मृतको के नाम
जावेद अंसारी (22), गढ़वा
सकील अंसारी (27), रामगढ़
संजय कुमार शाही (35), लोहरदगा
राजेंद्र यादव (35), सीवान
हरिकिशोर यादव (28), सीवान
जयप्रकाश ततवा (30), मुजफ्फरपुर
लालू खान(सुपरवाइजर), मुजफ्फरपुर
नागेश्वर पासवान, चालक(23), मुजफ्फरपुर
ब्रजेश यादव (26) बलिया
नुरुल हसन (27) मध्य प्रदेश
विकास पटेल (27) गुजरात
दबने वाले लोगों के नाम
लडडू यादव, सीवान
अजय कुशवाहा, बिहार
जयप्रकाश
संगीत विश्वकर्मा, गढ़वा
सुनील पांडा, गढ़वा
परवेज आलम, हजारीबाग
भीम राय, भागलपुर
संजय कुमार सेटठी
जगजीत पटेल, गुजरात
रामकुमार गोस्वामी, मध्य प्रदेश
मो जमील, मध्य प्रदेश
जुल्फकार खान, मध्य प्रदेश
ललन कुमार,
गगन सिंह
मधु पटेल
राजकुमार
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