नदी, तालाब और चापाकल में जलस्तर गिरा, सिंचाई और पशुपालन प्रभावित

पथरगामा प्रखंड में बढ़ती गर्मी से जलसंकट
पथरगामा प्रखंड क्षेत्र में तेज धूप और बढ़ते तापमान का असर नदी, पोखर, कुंआ, तालाब और चापाकल पर साफ देखा जा रहा है. जलस्तर घटने से पीने के पानी और खेतों की सिंचाई में कठिनाइयां बढ़ गयी हैं. सोनारचक पंचायत के बनवर्षी गांव के समीप स्थित लगभग 100 वर्षों पुराने मैसा बांध में पानी सूख गया है. पहले यहां पानी भरकर आसपास के करीब 100 एकड़ खेतों की सिंचाई होती थी. किसानों ने बताया कि पिछले 8-9 वर्षों से गर्मी शुरू होते ही बांध सूख जाता है. बांध के पानी सूखने से पशुपालकों को अपने पशुओं को पानी पिलाने में कठिनाई हो रही है. किसानों ने कहा कि यदि मैसा बांध की अच्छी तरह खुदाई कर बारिश का पानी स्टोर करने की व्यवस्था की जाये तो कृषि कार्य सुचारू रूप से हो सकेगा. जानकारी के अनुसार, पथरगामा प्रखंड की 19 पंचायतों में लगभग 352 पोखर और तालाब हैं. इनमें से अधिकांश का जलस्तर नीचे जा चुका है और जमीन दिखाई देने लगी है. इससे सिंचाई और जल आपूर्ति दोनों प्रभावित हो रही है. किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जलस्रोतों की समय पर खुदाई और जल संचयन की उचित व्यवस्था की जाये, ताकि गर्मी के मौसम में सिंचाई और पशुपालन की समस्याओं को कम किया जा सके.
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