स्वस्थ समाज के लिए नशा का करें त्याग

Published at :21 Dec 2016 6:22 AM (IST)
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स्वस्थ समाज के लिए नशा का करें त्याग

जागरुकता. नुनबट्टा पंचायत के सांझर में नशामुक्ति अभियान चलाया नशा समाज के लिए एक जहर के समान है जो समाज को खोखला बना रही है. गोड्डा में इसको लेकर कई सामाजिक संस्थान अभियान चला रहे हैं. ताकि नशामुक्त समाज का निर्माण हो सके. लोगों ने स्वस्थ समाज बनाने के लिए नशा त्यागने की अपील की. […]

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जागरुकता. नुनबट्टा पंचायत के सांझर में नशामुक्ति अभियान चलाया

नशा समाज के लिए एक जहर के समान है जो समाज को खोखला बना रही है. गोड्डा में इसको लेकर कई सामाजिक संस्थान अभियान चला रहे हैं. ताकि नशामुक्त समाज का निर्माण हो सके. लोगों ने स्वस्थ समाज बनाने के लिए नशा त्यागने की अपील की.
गोड्डा : सदर प्रखंड के नुनबट्टा पंचायत के सांझर गांव में समाज सुधार मंच की ओर से नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाया गया. गांव में पंचायत के मुखिया परमेश्वर हेंब्रम की अगुआई में एक बैठक कर ग्रामीणों को नशा से होने वाले परेशानियों से अवगत कराया गया. मंच के संस्थापक सचिव लतीफ अंसारी ने कहा कि ग्रामीणों को अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए नशा का त्याग करना होगा. सभी ग्रामीणों को नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लेना होगा. सदस्यों ने कहा कि नशा के कारण घर-घर में कलह का माहौल बन रहा है. शराब पीने से न जाने कितने घर बरबाद हो गये. वहीं नशाखोरों के बच्चे अच्छी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं.
बच्चों का भरण-पोषण ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है. श्री अंसारी ने ग्रामीणों को नशा के खिलाफ चलाया जा रहे अभियान में बढ़ चढ़ कर भाग लेने की अपील की है. इस दौरान लाल मुर्मू, शिवलाल मुर्मू, विमल मरांडी, नुनू मुर्मू, अनिल सोरेन, रामफल मरांडी, बाबूजॉन सोरेन, मनोज सोरेन, मिस्त्री मरांडी, बाबूजी मरांडी, ढेना सोरेन, सीता राम मुर्मू, मुनिमय सोरेन आदि उपस्थित थे.
सांझर गांव में समाज सुधार मंच ने चलाया अभियान
ग्रामीणों को जागरूक करते मंच के सदस्य. फोटो। प्रभात खबर
ग्रामीणों ने कहा
नशाखोरी से हमेशा नुकसान ही होता है. अत: नशा का त्याग करना चाहिए. धीरे-धीरे नशा को छोड़ने के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है.
-बाबूजी मरांडी, ग्रामीण.
नशे की लत के कारण हमारा आदिवासी समाज पिछड़ रहा है. जिसके कारण हमारा समाज तरक्की नहीं कर रहा है. अत: सरकार को नशाखोरी पर पाबंदी लगानी चाहिए.
-परमेश्वर हेंब्रम, उप प्रमुख.
शराब से ना जाने कितने घर बरबाद हो गये. पहले तो चोरी-छिपे शराब बेचा जाता था. अाजकल खुलेआम शराब बिकने से समाज बरबाद हो रहा है. इस पर रोक लगाने की जरूरत है.”
-ढेना सोरेन, ग्रामीण.
हाट में खुलेआम शराब बिकने के कारण सड़क दुर्घटना में इजाफा हो गया है. शराब से आर्थिक व शारीरिक नुकसान हो रहा है.
-सीताराम मुर्मू, ग्रामीण.
शराब के कारण समाज आगे नहीं बढ़ रहा है. घर में शराब बनाने पर रोक की जरूरत है. ताकि स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके.
-मुनीमय सोरेन, ग्रामीण.
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