जिला व सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की अदालत ने सुनाया फैसला
दो अप्रैल 2012 को बोआरीजोर के भदरिया की है घटना
मारपीट में जख्मी रामजतन पंडित की इलाज के दौरान हुई थी मौत
गोड्डा कोर्ट : गैर इरादतन हत्या के मामले में जिला व सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ध्रुव चंद्र मिश्रा ने बोआरीजोर थाना क्षेत्र के भदरिया गांव के नवल किशोर पंडित को दोषी पाकर सजा सुनायी है. न्यायालय ने भादवि की धारा 304 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना भी लगाया. जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी. 2 अप्रैल 2012 को शाम में गांव में नवल किशोर पंडित व उसके पिता व अन्य के साथ मारपीट की थी.
जख्मी रामजतन पंडित का इलाज पटना के पीएचसीएच में चल रहा था. मृतक की पत्नी विशाखा देवी ने बोआरीजोर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. सजावार नवल किशोर पंडित ने नौ अप्रैल को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था. तब से वह जेल में बंद है. एपीपीपी के दास ने बताया कि अभियोजन पक्ष द्वारा कुल 10 गवाहों का परीक्षण न्यायालय में कराया गया था. बचाव पक्ष के अधिवक्ता आरएस झा थे.
