झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग की तीन सदस्यीय जांच टीम ने गोड्डा के स्थानीय परिसदन में जिला प्रशासन और पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में मुख्य रूप से पोड़ैयाहाट के मटिहानी गांव में मवेशी चोरी के आरोप में पप्पू अंसारी की मॉब लिंचिंग प्रकरण पर चर्चा हुई. आयोग के उपाध्यक्ष पी. सोलोमन, सदस्य हाजी इकरारूल हसन आलम और सदस्य बरकत अली ने इस घटना को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और निर्दोषों को फंसने नहीं दिया जाएगा. आयोग ने पुलिस की गतिविधियों पर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन से एसडीओ के नेतृत्व में एक विशेष कमेटी बनाकर जांच कराने का अनुरोध किया. साथ ही पोड़ैयाहाट थाना से तीन माह की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपने का निर्देश दिया गया. आयोग ने कानून को हाथ में लेने की घटनाओं पर जनता में जागरूकता बढ़ाने और पुलिस-पब्लिक समन्वय बैठक का विवरण भी मांगा. आयोग की टीम पप्पू अंसारी के परिजनों से मिलने उनके गांव रानीपुर पहुंची. टीम ने मृतक की पत्नी आयशा बेगम, भाई, पुत्र और दो पुत्रियों समेत अन्य परिजनों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव मदद सुनिश्चित करेगी. श्री सोलोमन ने स्पष्ट किया कि दोषियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा. इसके साथ ही टीम ने पोड़ैयाहाट थाना के मटिहानी घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामीणों से पूछताछ की. इस दौरान एसी प्रेमलता मुर्मू, एसडीओ बैद्यनाथ उरांव, एसडीपीओ अशोक रविदास, सीएस डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा, जिला कल्याण पदाधिकारी सुधीर कुमार सिंह और झारखंड मुक्ति मोर्चा के अल्पसंख्यक नेता कैयूम अंसारी भी मौजूद थे।
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