बोदरा में लगे प्लांट, नहीं तो देंगे जान

Published at :26 Aug 2016 1:24 AM (IST)
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बोदरा में लगे प्लांट, नहीं तो देंगे जान

विरोध. मुखिया के नेतृत्व में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन : कहा नौ करोड़ 50 लाख की राशि से स्वीकृत हुआ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कहा, राजनीतिक साजिश के तहत लगाया जा रहा महेशपुर सुस्ती में बसंतराय : बसंतराय के बोदरा गांव में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनने के कारण बोदरा के ग्रामीण आक्रोशित होने लगे हैं. […]

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विरोध. मुखिया के नेतृत्व में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन : कहा

नौ करोड़ 50 लाख की राशि से स्वीकृत हुआ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
कहा, राजनीतिक साजिश के तहत लगाया जा रहा महेशपुर सुस्ती में
बसंतराय : बसंतराय के बोदरा गांव में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनने के कारण बोदरा के ग्रामीण आक्रोशित होने लगे हैं. गुरुवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने प्लांट के महेशपुर में लगाये जाने का विरोध करते हुए फ्लाेराइड युक्त पानी पीकर जान देने का अल्टीमेटम दिया है. मुखिया रामकृष्ण सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि लगातार 12 वर्षों से गांव के लोग फ्लोराइड युक्त पानी पी रहे हैं. कई लोग असमय ही काल के गाल में समा गये. इतने लंबे संघर्ष के बाद प्लांट बोदरा में नहीं लगाकर राजनीतिक साजिश के तहत महेशपुर के सुस्ती में लगाया जा रहा है.
ग्रामीणों ने कहा कि आज का आंदोलन सांकेतिक है. अगर जिला प्रशासन व विभाग मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो बोदरा गांव में पाइप से पानी लाने का विरोध कर गांव से बाहर कर दिया जायेगा. गांव के लोगों ने ठान लिया है कि ऐसे बीमार होकर मरना पसंद है. मगर अपने अधिकार को अन्यत्र जाने नहीं देंगें. मौके पर पंसस राजकुमार यादव, अधिकलाल यादव, फूल कुमार झा, घनश्याम झा, गणेश यादव, निरंजन यादव, महेया मिश्र आदि मौजूद थे.
12 वर्ष से फ्लाेराइड युक्त पानी पी रहे ग्रामीण
क्या है मामला
बोदरा गांव ग्रामीणों ने बताया कि गांव के डेढ़ सौ से अधिक लोग पानी के कारण मर चुके हैं. सैकड़ों की संख्या में लोग गंभीर हड्डी की बीमारी के शिकार है. कई परिवार गांव छोड़ दिये हैं. बड़ी मुसीबत के बाद 9.50 करोड की लागत से बोदरा के लिये वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा जलमीनार की स्वीकृति हुई. इधर स्वीकृति के बाद जनप्रतिनिधि द्वारा राजनीति करते हुए महेशपुर गांव के सुस्ती स्थित नकचीरा नदी के पास प्लांट लगाया जा रहा है.
बोदरा के नाम से स्वीकृत राशि एवं प्लांट को अन्यत्र ले जाने का माजरा समझ से परे है. मगर कुछ नये जनप्रतिनिधि साजिश के तहत ऐसा कर रहे हैं.
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