ओके::हुर्रासी परियोजना व एमजीआर रेलवे लाइन को लेकर जमीन अधिग्रहण पर ग्रामीणों के बीच नहीं बनी सहमति

–एनटीपीसी पदाधिकारी व अंचल अधिकारी बैरंग वापस लौटे — ग्रामीणों की मांग थी कि पेशा कानून के तहत किसी भी जमीन के अधिग्रहण के लिए आम सभा गांव में ही होनी चाहिएतसवीर-37 में पंचायत भवन में बेठे अधिकारी तथा 38 में ग्रामीण लीलरती गांव के प्रतिनिधि, बोआरीजोर राजमहल परियोजना के नये परियोजना में शामिल हुर्रासी […]
–एनटीपीसी पदाधिकारी व अंचल अधिकारी बैरंग वापस लौटे — ग्रामीणों की मांग थी कि पेशा कानून के तहत किसी भी जमीन के अधिग्रहण के लिए आम सभा गांव में ही होनी चाहिएतसवीर-37 में पंचायत भवन में बेठे अधिकारी तथा 38 में ग्रामीण लीलरती गांव के प्रतिनिधि, बोआरीजोर राजमहल परियोजना के नये परियोजना में शामिल हुर्रासी एवं एनटीपीसी कहलगांव द्वारा कोयला वाहक रेलवे ट्रैक एमजीआर लाइन बिछाने के लिए शनिवार को ग्रामीणों के बीच होने वाली आससभा में सहमति नहीं बनने से बैठक स्थगित कर दी गयी. बोआरीजोर प्रखंड के लीलातरी वन के पंचायत भवन में शनिवार को एनटीपीसी कहलगांव के एजीएम गोपाल कृष्णन, कर्मी एसके जायसवाल, गंगाराम टुडू के अलावा हुर्रासी परियोजना के प्रबंधक किशोर सिंह, अंचल सीआइ राजकिशोर सिंह के साथ पंचायत की मुखिया प्रियतमा भारती मुख्य रूप से मौजूद थी. पंचायत भवन में आम सभा रखे जाने पर ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा कर बैठक को स्थगित करने की मांग पर अड़ गये. ग्रामीणों की मांग थी कि पेशा कानून के तहत किसी भी जमीन के अधिग्रहण के लिए आम सभा गांव में ही होनी चाहिए, जिसकी अध्यक्षता ग्राम प्रधान को करना है. मगर ऐसा नहीं किया गया जो नियम विरुद्ध है. ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए अधिकारियों ने बैठक स्थगित कर दी. ”मामले में चूक हुई है. ग्राम सभा पूरी तरह से पेशा कानून के तहत होनी थी. अगली बैठक ग्रामीणों के साथ होगी-गोपाल कृष्णन, एजीएम कहलगांव हुर्रासी परियोजना के लिए 568 एकड़ जमीन की जरूरत है. वहीं एनटीपीसी के रेलवे ट्रैक के लिए भी जमीन चाहिए. अगली बैठक पेशा कानून के तहत वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत आमसभा के माध्यम से लोगों से सहमति ली जायेगी. -किशोर कुमार, प्रबंधक हुर्रासी परियोजना
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