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15 लाख रुपये से बना शॉपिंग कॉम्प्लेक्स हो गया जर्जर, नहीं खुली एक भी दुकानें

Updated at : 13 Sep 2024 11:54 PM (IST)
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15 लाख रुपये से बना शॉपिंग कॉम्प्लेक्स हो गया जर्जर, नहीं खुली एक भी दुकानें

जिला परिषद मद से हटिया चौक, केंचुआ व लहठी गांव में कराया गया था निर्माण

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महागामा. 15 साल पहले अनुमंडल क्षेत्र में सड़क किनारे लगनेवाली दुकानों को व्यवस्था कराने को लेकर जिला परिषद मद से महागामा में तीन स्थानों पर शांपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया था. यह कॉम्प्लेक्स मुख्य रूप से आय वृद्धि को लेकर वर्ष 2014 में किया गया था. महागामा के बाजार के पास के ही लहठी में दुकानें बनायी गयी थी. महागामा हटिया के पास केंचुआ चौक व महागामा प्रखंड से करीब 15 किमी दूर लहठी में 15 वर्ष पूर्व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया गया. करीब 15 लाख की लागत से बनाये गये कॉम्प्लेक्स आवंटन के अभाव में जर्जर हो गया है. स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर को लेकर 15 वर्ष पूर्व आधारभूत संरचना के तहत जिला परिषद के फंड से प्रत्येक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में लगभग ढाई लाख की लागत से पांच दुकानें बनी थी, जहां प्रत्येक स्थान पर दो-दो शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पांच लाख की लागत से बनाया गया. आवंटन व रखरखाव के अभाव में कई जगह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का दरवाजा तक गायब हो गया है. वहीं कई जगह जर्जर अवस्था में पड़ा है. दुकान के निर्माण के दौरान संवेदक की ओर से आनन-फानन में दुकान बना दिये जाने के बाद फाटक आदि लगाकर बिल का उठाव कर लिया गया. जिला परिषद ने भी संवेदक को पैसे का भुगतान कर दिया मगर जिस कारण से कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया था, उसपर काम ही नहीं हुआ. दो बार जिला परिषद के गठन के बावजूद दुकान के आवंटन नहीं किये जाने की वजह से धीरे धीरे लगभग सभी दुकानें जर्जर हो गयी. दुकान में लगी किवाड व अन्य सामग्री भी चोर-उचक्कों ने गायब कर दिया. क्या कहते हैं लोग दुकान का निर्माण सरकारी राशि का पूरी तरह से बर्बादी ही कहा जा सकता है. 15 साल पहले जिस पर्पस से दुकान का निर्माण कराया गया. जिला परिषद की ओर से उसे ही पूरा नहीं किया गया है. ऐसे मामले में दोषियों पर कार्रवाई हो. – पप्पू कुमार ठाकुर, भाजपा नेता सही समय पर दुकान का आवंटन किया जाता तो आज ऐसे 10 से 15 लोगों को आर्थिक मुनाफा होता. सरकार के पैसे की बर्बादी करने वाले ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो. एक भी दुकानें नहीं लग पायी. लापरवाही तय होनी चाहिए. – सुदर्शन कुमार एक समय जब दुकान बनायी जा रही थी, तो उम्मीद जगी कि दुकान उसे मिल जायेगी. मगर दुकान जर्जर होकर अब टूट गयी है. अब तक दुकान का आवंटन नहीं हो पाया है. मेरी मांग है कि जिप की ओर से कार्रवाई होनी चाहिए. – राकेश कुमार यादव शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनने से युवाओं में रोजगार का अवसर प्राप्त होने की आस जगी थी. लेकिन प्रशासन द्वारा सकारात्मक रुख अख्तियार नहीं करने से आवंटन के अभाव में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जर्जर हो गया. अतिक्रमण कर लिया गया है. – रोहित कुमार ,, क्षेत्र के बेरोजगार युवा महंगा किराया या फिर झोपड़ी बनाकर स्वरोजगार के लिए दुकान खोलने को विवश है. लाखों की दुकान बनकर बर्बाद हो गयी. सारी जवाबदेही जिला परिषद की है.पदाधिकारी का चुप रहना दुख की बात है. – टुनटुन कुमार कोट शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जर्जर होने का मामला संज्ञान में आया है. इसकी जांच कर कर्रवाई की जायेगी. अब तक उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि 15 साल पहले कॉम्प्लेक्स बनाकर छोड़ा गया है. जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी. – सोनाराम हांसदा , बीडीओ

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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