प्रधानाध्यापक पप्पू कुमार ने कहा कि कुछ बच्चे प्रेरणा के अभाव में बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं. बाल युवा बिना भविष्य की चिंता किये आधुनिकता के दौर में काम करने बाहर चले जाते हैं. लड़कियां घरेलू कार्यों में उलझी रहती हैं और बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती हैं. इससे बाल विवाह की ओर लोग प्रेरित होने लगते हैं, इसलिए कार्यक्रम का आयोजन कर शिक्षण सामग्री देकर बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए जागरूक किया गया. मौके पर आठवीं में विद्यालय के टॉपर आरुषि कुमारी को माला पहनाकर सम्मानित किया गया. प्रधानाध्यापक ने कहा कि जिन बच्चों को नामांकन कराने या आर्थिक परेशानी है, उन्हें आर्थिक सहयोग भी करेंगे. मौके पर अध्यक्ष पवन कुमार राय, संयोजिका सुनीता देवी, शिक्षक क्रांति हांसदा, विजय शर्मा, सीमा दास, उमेश मंडल, मोहम्मद मुस्तकीम आदि उपस्थित थे.
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