भड़के ग्रामीण की पकड़ में आये व्यापारी के सहयोगी को कब्जे में करते हुए सामूडीह गांव ले गये. पहले उसकी धुनाई की गयी. पुलिस अधिकारियों के बीचबचाव के कारण वह मॉबलिंचिंग का शिकार होने से बच गया. थाना प्रभारी ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी.
पुलिस की तत्परता आयी काम
बताया जाता है कि मवेशी व्यापारी के सहयोगी के पकड़ में आने के बाद डुगडुगी बजाकर आदिवासी समाज के लोगों को सामुडीह में जुटा लिया गया. ग्रामीण व्यापारी को घेरकर बैठ गये और आन स्पाॅट फैसले की तैयारी करने लगे. सूचना के बाद बेंगाबाद पुलिस सदल बल गांव पहंची, पर भड़के लोगों ने एक ना सुनी.
इसके बाद थाना प्रभारी जीतेंद्र कुमार सिंह वहां पहुंचे और माहौल को नियंत्रित करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ ग्रामीणों संग वार्ता करते हुए पकड़े गये व्यक्ति को सुरक्षित कर लिया. जानकारी मिलने के बाद एसडीपीओ जीतवाहन उरांव भी पहुंच गये और पकड़े गये व्यक्ति के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने का भरोसा देने के बाद उसे लेकर थाना पहुंचे. इसके बाद पुलिस को राहत मिली.क्या है मामला :
बताया जाता है कि सामुडीह निवासी पांडु टुडू का बैल गांव के पास जंगल में चर रहा था. दोपहर में घुठिया का एक ग्रामीण और कजरो गांव का एक व्यापारी उधर से गुजर रहा था. चर रहे एक मवेशी को लेकर दोनों घुठिया की ओर आने लगे. इस दौरान चंदियो के ग्रामीणों ने दोनों से पूछताछ की. पूछताछ होती देख व्यापारी बाइक से भाग गया, जबकि घुटिया निवाली को ग्रामीणों ने बैल के साथ पकड़ लिया. चोरी का संदेह होने के बाद ग्रामीणों ने पांडु टुडू के बैल की पहचान करते हुए उसे जानकारी दी.इसके बाद डुगडुगी बजा कर आदिवासी समाज के लोगों को जुटा लिया गया. और पकड़ाये व्यक्ति को लेकर ग्रामीण सामुडीह पहुंच गये, जहां पर उसे बैल चोरी का दोषी बताते हुए कड़ी सजा देने की योजना बनाने लगे. क्षेत्र में हुए अन्य मवेशी चोरी का दोष भी उसके ऊपर मढ़ दिया गया.
पकड़े गये व्यक्ति को पुलिस थाना ले गयी
माॅबलिचिंग का खतरा देख इसकी जानकारी बेंगाबाद पुलिस को दी गयी. इसके बाद पुलिस टीम हरकत में आयी और एसडीपीओ की मौजूदगी में ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा देकर उसे छुड़ाकर थाना ले आया.
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