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Giridih News :आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू

Updated at : 23 Jun 2025 10:29 PM (IST)
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Giridih News :आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू

Giridih News :जिले के आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों ने एक बार फिर अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया है. सोमवार से जिले के सभी 13 प्रखंडों में कार्यरत करीब 700 आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले गये हैं.

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सात सूत्री मांगों पूरी नहीं होने पर आक्रोश, मरीजों को इलाज में परेशानी

जिले के आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मियों ने एक बार फिर अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया है. सोमवार से जिले के सभी 13 प्रखंडों में कार्यरत करीब 700 आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं. गिरिडीह सदर अस्पताल परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन के माध्यम से कर्मियों ने सात सूत्री मांगों पूरी करने पर जोर दिया. नेतृत्व जेएलकेएम के केंद्रीय सचिव नागेंद्र चंद्रवंशी और आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मी संघ के पदाधिकारी कर रहे हैं. धरना स्थल पर सैकड़ों की संख्या में जुटे कर्मियों ने बालाजी और शिवा डिटेक्टिव फोर्स प्रालि कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की. नागेंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि गिरिडीह स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी लंबे समय से कर्मियों के वेतन में कटौती कर रही है. इपीएफ व इएसआई में अनियमितता बरती जा रही है. पहले भी इसको लेकर आवेदन देकर आंदोलन किया गया, लेकिन ना तो कंपनी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार हुआ और ना ही स्वास्थ्य विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई की. कर्मियों ने बताया कि वेतन में लगातार कटौती से उनका जीवनयापन कठिन हो गया है. समय पर वेतन नहीं मिलने और इपीएफ में गड़बड़ी के कारण बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है. कई कर्मियों को तो पिछले कुछ महीनों का वेतन नहीं मिला है.

स्वास्थ्य कर्मियों की मांगें

आउटसोर्सिंग कर्मियों की मांगों में अप्रैल और मई माह का बायोमीट्रिक के नाम पर काटा गया मानदेय पूरा देना, इपीएफ और इएसआई में कंपनी द्वारा की जा रही गड़बड़ी की जांच, जिनका कार्ड नहीं बना है, उन्हें तत्काल कार्ड उपलब्ध कराने, प्रत्येक माह सैलरी स्ली देने, समय पर वेतन भुगतान, वर्ष 2023, 2024 और 2025 का बोनस, तकनीकी डिग्रीधारी कर्मियों को कुशल श्रेणी में शामिल कर कुशल कर्मी का वेतन देने, डिमोट किये गये कंप्यूटर ऑपरेटरों को पुनः उसी पद पर बिना शर्त बहाल करने, सुपरवाइजर द्वारा सवाल पूछने पर कर्मियों को धमकाने और ट्रांसफर करने की धमकी की जांच कर कार्रवाई शामिल है.

स्वास्थ्य सेवाएं हुईं प्रभावित

आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मियों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का असर स्वास्थ्य सेवा पर दिखी. सोमवार से शुरू हुए इस आंदोलन से सदर अस्पताल से लेकर प्रखंड स्तर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक की सेवा प्रभावित हुई. मरीजों को इलाज कराने में काफी परेशानी हुई. मालूम रहे कि जिले के 700 आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मी ना केवल पंजीयन और कंप्यूटर संचालन का काम संभालते हैं, बल्कि लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वॉय, सफाई व सहायक जिम्मेदारी भी निभाते हैं.

नियमानुसार की जायेगी मांग पूपी : सिविल सर्जन

आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मियों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर सिविल सर्जन डॉ शिव प्रसाद मिश्रा ने कहा सोमवार को स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा सात सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया गया था. उन्हें वार्ता के लिए कार्यालय बुलाया गया है, ताकि उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना जा सके. कहा जो भी नियमानुसार मांगें पूरी की जायेंगी. जो कर्मी निर्धारित समय पर अनुपस्थित रहे हैं, उनका वेतन में काटा जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PRADEEP KUMAR

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By PRADEEP KUMAR

PRADEEP KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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