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मौसमी बीमारी बढ़ी, तो बंद स्वास्थ्य उपकेंद्र बढ़ायेगी परेशानी

Updated at : 20 Jul 2024 11:44 PM (IST)
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मौसमी बीमारी बढ़ी, तो बंद स्वास्थ्य उपकेंद्र बढ़ायेगी परेशानी

बरसात के मौसम में होने वाली मौसमी बीमारी से ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ाने वाली साबित हो सकती है. क्षेत्र में अधिकांश स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद पड़े हुए हैं. ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्र में हमेशा ताला लटका रहता है.

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अशोक शर्मा, बेंगाबाद,

बरसात के मौसम में होने वाली मौसमी बीमारी से ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ाने वाली साबित हो सकती है. क्षेत्र में अधिकांश स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद पड़े हुए हैं. ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्र में हमेशा ताला लटका रहता है. इस स्थिति में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने के नाम पर लाखों की राशि खर्च कर बनाया गया उपकेंद्र बेकार साबित हो रहे हैं. प्रखंड में होने वाली विभिन्न बैठकों में उपकेंद्रों को चालू करने की मांग जोर शोर से उठायी गयी, लेकिन धरातल पर कागजी घोड़ा दौड़ाकर कोरम पूरा किया गया. बरसात में बीमारी होने की आशंका देखते हुए ग्रामीणों ने बंद उपकेंद्र को चालू कराने की मांग की है.

महिला चिकित्सक की जिम्मेदारी संभालती है एएनएम

बताया जाता है कि बेंगाबाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा विभिन्न गांवों में 12 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं. स्वास्थ्य केंद्र में 19 एएनएम, तीन जीएनएम, एमपीडब्लू के अलावा तीन एमबीबीएस चिकित्सक, एक नेत्र सहायक और एक दंत चिकित्सक तैनात हैं. यहां, एक भी महिला चिकित्सक को पदस्थापित नहीं किया गया है. ऐसे में महिला मरीजों की जांच व प्रसव कार्य एएनएम के जिम्मे रहता है. इधर, क्षेत्र के अधिकांश उप स्वास्थ्य केंद्र के बंद रहने के कारण महिला मरीजों को व अन्य मरीजों को इलाज के लिए बेंगाबाद आना पड़ता है. महिला चिकित्सक के अभाव में अधिकांश महिलाएं निजी अस्पताल चली जाती हैं.

अधिकांश उपकेंद्र हैं बंद

क्षेत्र के ओझाडीह, ताराटांड़, कर्णपुरा और रघेयडीह को छोड़ अधिकांश उपस्वास्थ्य केंद्रो में ताला लटका रहता है, जबकि सभी उपकेंद्रो में एएनएम व एमपीडब्लू को पदस्थापित किया गया है. लेकिन, उक्त तीनों केंद्रों को छोड़कर, अधिकांश केंद्र बंद हैं. छोटकी खरगडीहा की मुखिया सुनीता देवी का कहना है कि यहां सेंटर हमेशा बंद रहता है. यही हाल झलकडीहा, साठीबाद, मुरगुमी, फिटकोरिया, चपुआडीह सहित अन्य केंद्रों का है. उक्त केंद्रों में पदस्थापित एएनएम और एमपीडब्लू कागजी रिपोर्ट के आधार पर अपनी ड्यूटी दिखा रही है. लुप्पी के मुखिया बारिक अंसारी का कहना है कि यहां सप्ताह में दो दिन केंद्र खुलता है, जबकि अन्य दिन बंद रहता है. जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग से उपकेंद्रों को नियमित खोलने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में स्थानीय मरीजों का तत्काल प्राथमिक उपचार हो सके और बीमारी बढ़ने से रोका जा सके.

क्या कहते हैं बीपीएम

इधर, अस्पताल प्रबंधक अरविंद कुमार ने कहा कि सभी उपकेंद्रों को खुला रखने के लिए कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है. रघेयडीह उपकेंद्र में यूनानी चिकित्सक की व्यवस्था के साथ डिलिवरी प्वाइंट बनाया गया है, जिसका लाभ स्थानीय मरीज उठा रहे हैं. कहा कि ग्राम स्वास्थ्य समिति के खाते में 10 हजार की राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. उक्त राशि से सहिया ब्लीचिंग पाउडर, वजन मशीन सहित अन्य आवश्यक दवाओं की खरीद कर जरूरतमंदों के बीच वितरण करेंगी. उपकेंद्र बंद रहने की शिकायत नहीं मिली है. शीघ्र अपने स्तर से जांच करायेंगे. जांच में उपकेंद्र बंद मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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