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हेमंत सोरेन की फिर केंद्र को चेतावनी, 1.36 लाख करोड़ रुपए नहीं मिले, तो खदानों को कर देंगे बंद

Updated at : 04 Mar 2025 9:48 PM (IST)
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झामुमो कार्यकर्ताओं ने हेमंत सोरेन और कल्पना मुर्मू सोरेन को पहनाया चांदी का मुकुट. फोटो : प्रभात खबर

Hemant Soren News: हेमंत सोरेन ने एक बार फिर केंद्र सरकार को झारखंड की खदानों को बंद कर देने की चेतावनी दी है. कहा है कि अगर 1.36 लाख करोड़ रुपए नहीं मिले, तो कोई खनिज यहां से नहीं ले जाने देंगे.

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Hemant Soren in Giridih|गिरिडीह, राकेश सिन्हा : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बार फिर केंद्र सरकार को चेतावनी दी है. कहा है कि बकाया का 1.36 लाख करोड़ रुपए नहीं मिला, तो खदानों को बंद कर देंगे. एक छटाक भी यहां से खनिज ले जाने नहीं दिया जायेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 52वें स्थापना दिवस को संबोधित कर रहे थे. गिरिडीह के झंडा मैदान में हेमंत सोरेन ने कहा कि बकाया राशि मांगी गयी, लेकिन केंद्र सरकार देने में आनाकानी कर रही है. अब एक बार फिर लड़ाई लड़नी होगी. खेत-खलिहान हमारा है और हमारा हिस्सा नहीं मिल रहा है. सीएम ने कहा कि गरीब-गुरबा को संघर्ष से ही उनको उनका हक मिलता है. हमें लड़ाई लड़कर अपना हक लेना होगा.

झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रही केंद्र सरकार – हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नाक रगड़वा दिया, लेकिन राशि नहीं दी. इसके बाद भी चिंता की कोई बात नहीं है. हमने अबुआ आवास योजना को शुरू किया है जिसका लाभ झारखंड के गरीब-गुरबों को मिल सकेगा.

गिरिडीह में झामुमो के 52वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हेमंत सोरेन. फोटो : प्रभात खबर

विपक्षियों ने राज्य को पीछे धकेला है – मुख्यमंत्री

हेमंत सोरेन ने कहा कि विपक्ष ने राज्य को बहुत अच्छी स्थिति में नहीं छोड़ा है. राज्य को काफी पीछे धकेल दिया है. ऐसे दलदल में राज्य को धकेल दिया गया था कि उसे निकालने में हमें 5 साल लग गये. अब अगले 5 साल तक राज्य को ऐसा बढ़ायेंगे कि पीछे देखना नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा, ‘राज्य में बेहतर काम हो रहा है, यह मैं नहीं, बल्कि देश के विकास के लिए नीति बनाने वाली नीति आयोग कह रहा है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि देश के उन सर्वश्रेष्ठ 4 राज्यों में झारखंड भी शामिल है, जो तेजी से विकास कर रहा है.’

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चतुर लोगों की नजर बजट के आधे हिस्से पर – सीएम हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमने गरीब-गुरबों को पैरों पर खड़ा करने का काम किया है. शुरुआती दौर में मैने ‘मंईयां योजना’ में 1,000 रुपए देने की घोषणा की थी, लेकिन आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए हमने इस राशि को बढ़ाकर 2,500 रुपए कर दिया. हम बजट का आधा हिस्सा आधी आबादी के लिए खर्च कर रहे हैं, लेकिन कुछ चतुर लोगों की नजर भी इस हिस्से पर है.’ हेमंत सोरेन ने कहा कि जानकारी मिली है कि ये चतुर लोग फर्जी तरीके से राशि की निकासी कर ले रहे हैं. ऐसा होने नहीं दिया जायेगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसा कोई काम न करें, जिससे सरकार को इस राज्य को पिछड़ेपन से निकालने में युग लग जाये. राज्य को पैरों पर खड़ा करना होगा और इसके लिए प्रयास जारी है.

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केंद्र को देश के विकास की चिंता नहीं – हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश को ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां उसे न ही विकास की कोई चिंता है, न ही कोई कोशिश हो रही है. वर्तमान में देश की स्थिति ठीक नहीं है. महंगाई बढ़ गयी है. हर चीज पर टैक्स लगा दिया गया है. नमक से लेकर किताब, कलम, कॉपी तक महंगी हो गयी है. इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने लोगों को आर्थिक मदद देने का फैसला लिया और इसके तहत आर्थिक मदद दिया जा रहा है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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