जंगल में बैठकर फर्जी APK से करते थे ठगी, गिरिडीह पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार

Updated:
विज्ञापन

गिरिडीह पुलिस की गिरफ्त में पांच साइबर अपराधी. फोटो: प्रभात खबर

Cyber Criminals Arrest: गिरिडीह पुलिस ने ताराटांड़ के जंगल से फर्जी एपीके फाइल के जरिए साइबर ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने 10 मोबाइल, 13 सिम कार्ड, लैपटॉप और मोटरसाइकिलें बरामद कीं. मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है.

विज्ञापन

गिरिडीह से बिनोद शर्मा की रिपोर्ट

Cyber Criminals Arrest: गिरिडीह पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ताराटांड़ थाना क्षेत्र से पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी जंगल में बैठकर फर्जी एपीके (APK) फाइल के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम देते थे. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप और मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं. इस मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. बिमल कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान दी.

गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई

एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि ताराटांड़ थाना क्षेत्र के मिडिल स्कूल के पीछे स्थित जंगल में कुछ लोग सुनियोजित तरीके से साइबर अपराध की तैयारी कर रहे हैं. सूचना को गंभीरता से लेते हुए उनके निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया. पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की और मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान आरोपियों को किसी भी तरह भागने का मौका नहीं मिला.

फर्जी APK भेजकर लोगों को बनाते थे शिकार

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कस्टमर सपोर्ट और एयरटेल वाई-फाई सेवा के नाम पर लोगों को फर्जी एपीके (APK) फाइल भेजते थे. लोगों को तकनीकी सहायता या सेवा अपडेट का झांसा देकर वे इन फाइलों को डाउनलोड करवाते थे. एक बार फर्जी ऐप मोबाइल में इंस्टॉल हो जाने के बाद आरोपी लोगों की संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने और साइबर ठगी को अंजाम देने की कोशिश करते थे. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इसके तार किन-किन राज्यों तक जुड़े हुए हैं.

पांच आरोपी गिरफ्तार, कई सामान बरामद

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जनार्दन मंडल, अशोक कुमार, बबलू कुमार मंडल और बिष्णु कुमार सहित पांच लोगों के रूप में हुई है. सभी आरोपी ताराटांड़ थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के निवासी बताए गए हैं. पुलिस ने इनके पास से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और चार मोटरसाइकिलें बरामद की हैं. बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य सुराग जुटाए जा रहे हैं.

दो आरोपी पहले भी जा चुके हैं जेल

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अशोक कुमार और बबलू कुमार मंडल का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है. दोनों पूर्व में भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं. इसके बावजूद उन्होंने दोबारा इसी तरह के अपराध को अपना जरिया बना लिया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका संबंध किसी बड़े साइबर गिरोह से है या नहीं. साथ ही जब्त मोबाइल, लैपटॉप और सिम कार्ड के डिजिटल डेटा का फोरेंसिक विश्लेषण कराया जाएगा.

इसे भी पढ़ें: सारठ के जंगल से चल रहा था साइबर ठगी का गोरखधंधा, पुलिस ने चार अपराधियों को दबोचा

जांच जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

इस मामले में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है. पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भी तलाश कर रही है. पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, फर्जी एपीके फाइल या कस्टमर सपोर्ट के नाम पर भेजे गए ऐप को डाउनलोड न करें. साइबर अपराधी अब जंगल में बैठकर भी इंटरनेट के रास्ते लोगों तक पहुंच जाते हैं, इसलिए मोबाइल में क्या इंस्टॉल कर रहे हैं, यह सावधानी कई बार बैंक बैलेंस से भी ज्यादा कीमती साबित होती है.

इसे भी पढ़ें: ग्रेजुएट ट्रेंड टीचरों मिलेगा समान वरीयता और अपग्रेड वेतन का लाभ, झारखंड हाईकोर्ट का आदेश


विज्ञापन
कुमार विश्वत सेन

लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola