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Giridih News :एक करोड़ से अधिक की लागत के आधा दर्जन सामुदायिक शौचालय बंद

Giridih News :स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय अभियान है. इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करना है. इसी निमित्त गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में दस सामुदायिक शौचालय बनाये गये. लेकिन, अभी आधा दर्जन से अधिक शौचालय बंद पड़े हुए हैं.

समस्या. वर्ष 2016-17 में बने थे सामुदायिक शौचालय, बंद रहने से लोगों को होती है परेशानी

स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय अभियान है. इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करना है. इसी निमित्त गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में दस सामुदायिक शौचालय बनाये गये. नगर परिषद के वक्त बने एक करोड़ की लागत से अधिक राशि के आधा दर्जन सामुदायिक शौचालय वर्तमान में बेकार पड़े हैं. इनके बंद रहने से शहरवासियों को परेशानी हो रही है.

अधिकारियों का आना-जाना होता रहा, पर पहल नहीं हुई

नगर परिषद से नगर निगम बने सात साल हो जाने के बाद भी बंद आधा दर्जन शौचालयों को अब तक चालू नहीं किया जा सका है. इस दौरान नगर निगम में कई अधिकारी आये और उनका तबादला हुआ, परंतु बंद सामुदायिक शौचालयों को चालू कराने की दिशा में कोई पहल नहीं हुई. इससे गंदगी फैलती है और आवागमन के दौरान उक्त स्थल से गुजरने पर दुर्गंध का सामना करना पड़ता है. खास बात यह है कि इन सामुदायिक शौचालयों के बनने से संवेदकों को तो लाभ हुआ, पर आम जनता को इससे कोई फायदा नहीं हुआ.

सही मॉनीटरिंग व संसाधनों की कमी से पड़ा है बेकार

खुले में शौच से मुक्ति के लिए वर्ष 2016-17 में गिरिडीह शहरी क्षेत्र अंतर्गत दस सामुदायिक शौचालय बनवाये गये थे. इन शौचालयों का मॉडयूल इस्टीमेट लगभग 18 लाख रु था. उस वक्त नगर परिषद था. सामुदायिक शौचालयों के माध्यम से खुले में शौच की समस्या को कम करना और लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित तरीके से शौच करने के लिए प्रोत्साहित करना था. इसका मकसद पर्यावरण प्रदूषण कम करने के अलावे स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता को बढ़ावा देना रहा. इसके माध्यम से लोगों को स्वच्छ जीवनशौली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया. भले ही इन उद्देश्यों के साथ शहरी क्षेत्र के अंतर्गत गिरिडीह बस स्टैंड के बाहर, झिंझरी मोहल्ला, पुराना परिषद भवन के बगल, व्हीटी बाजार परिसर समेत अन्य स्थानों पर सामुदायिक शौचालय बनवाये गये, पर सही मॉनिटर्रिंग के अभाव में और संसाधनों की कमी से आज आधा दर्जन से अधिक सामुदायिक शौचालय बंद और बेकार हो गये. सरकार की राशि का उपयोग महज भवन निर्माण तक ही सीमित होकर रह गया है.

कहीं पानी की कमी, तो कहीं फैला है जंगल-झाड़

गिरिडीह बस स्टैंड के बगल में कौशल विकास केंद्र व सीएचसी बनाया गया था. आज यह बंद है. इसी से कुछ दूरी पर झिंझरी मोहल्ला में एक सामुदायिक शौचालय है. शुरू से ही यह बंद है और अब इसके बगल-बगल में जंगल-झाड़ उग आया है. बताया गया कि पानी के अभाव के कारण यह शौचालय कभी चालू नहीं हो सका. इसमें लगे तमाम संसाधन असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिये हैं. यह सिर्फ एक इमारत के रूप में खड़ा है. वहीं पुराना परिषदन भवन के बगल बना सामुदायिक शौचालय भी संसाधनों की कमी के कारण वर्षों से बंद है. व्हीटी बाजार परिसर में अवस्थित सामुदायिक शौचालय की स्थिति भी कमाबेश ऐसी ही है. इन सभी शौचालयों का निर्माण वर्ष 2016 से 2017 के बीच हुआ था. तब से अब तक यह शोभा की वस्तु बनकर रह गया है. व्हीटी बाजार में रविवार को हटिया लगता है. हजारों लोग खरीदारी के लिए यहां आते हैं. शौचालय बंद रहने से लोगों को परेशानी होती है.

बंद सामुदायिक शौचालय जल्द होंगे चालू : नगर प्रशासक

नगर प्रशासक प्रशांत कुमार लायक ने बताया कि बंद सामुदायिक शौचालयों को जल्द चालू कराने को ले प्रयास तेज कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि निर्माण के बनने के बाद इन्हें चलाने की जिम्मेदारी सामुदायिक कमेटी की थी. संचालन की जिम्मेदारी के लिए किसी के सामने नहीं आने से कई सामुदायिक शौचालय चालू नहीं हो पाये. उन्होंने बताया कि पूर्व में इसके लिए नगर निगम की ओर से संचालन हेतु विज्ञापन भी निकाला गया था, पर किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखायी. कहा कि उक्त सामुदायिक शौचालयों को दुरुस्त कराने के लिए नये सिरे से प्राक्कलन बनाने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि इन शौचालयों को दुरुस्त कराने के बाद इसे जनहित में चालू कराया जायेगा.

स्वच्छता का संदेश बना मजाक

बाहर शौच न करें, शौचालय जाएं स्वच्छ रहें, स्वच्छता की ज्योति जलाओ, गिरिडीह को सुंदर बनाओ… बंद सामुदायिक शौचालय की दीवार पर लिखे ये स्लोगन नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं. यह स्लोगन किसी और ने नहीं, बल्कि नगर निगम ने लिखवाया है, परंतु जिस सामुदायिक शौचालय की दीवार पर ये स्लोगन लिखे हैं, वह कई सालों से बंद हैं. नगर निगम का स्वच्छता का यह संदेश महज मजाक बनकर रह गया है.

(सूरज सिन्हा,

गिरिडीह)B

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