बैठक शुरू होते ही जिला परिषद के कई सदस्यों ने अधिकारियों पर योजनाओं के चयन व क्रियान्वयन में मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. इसके अलावे अन्य कई जिप सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे विकास के कार्यों में अधिकारियों के द्वारा मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सवाल खड़ा किये और हंगामा भी किया. हालांकि मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने जिप सदस्यों को समझा कर शांत कराया ओर उनकी बातों को गंभीरता से सुनकर समाधान का आश्वासन दिया. मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी ने कहा कि आज की बैठक में पूर्व में हुई बैठक के बिंदुओं पर चर्चा किया गया और स्थल पर योजनाओं का जांच करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. कहा कि पंचायती राज विभाग से फंड की कमी रहने के कारण कोई भी नई योजनाओं को लागू नहीं किया जा रहा है. वहीं उपाध्यक्ष ने कहा कि बैठक में जिला परिषद के सदस्यों ने अधिकारियों पर कई आरोप लगा है और यह सही भी पाया है. कई विभाग के अधिकारी कार्यालय से ही कागज को पूरी कर देते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर भी जांच होनी चाहिए. बैठक में जिप सदस्यों व प्रखंड के प्रमुख द्वारा कई प्रस्ताव रखे गए. गांडेय प्रमुख राजकुमार पाठक ने कस्तूरबा विद्यालय में एक वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त चहारदीवारी की मरम्मत, प्राथमिक विद्यालय दुल्हडीह में बंद एमडीएम चालू करने समेत धान क्रय में शिथिलता पर सकारात्मक कारवाई करने की बात रखी. इसी तरह अन्य ने भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को रखा और कारवाई की मांग की. बैठक में बगोदर प्रमुख आशा राज, मीना देवी, विनय शर्मा, सलेहा बीबी, हिंगामुनि मुर्मू, मो शब्बीर, मीना देवी समेत कई सदस्य मौजूद थे.
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