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Giridih News: पुरोहितों, हलवाइयों व बैंड बाजा वालों ने बाल विवाह में शामिल न होने की ली शपथ

Updated at : 28 Nov 2024 10:53 PM (IST)
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Giridih News: पुरोहितों, हलवाइयों व बैंड बाजा वालों ने बाल विवाह में शामिल न होने की ली शपथ

Giridih News: मशाल जुलूस और कैंडल मार्च में बाल विवाह पीड़िताओं, महिलाओं, बच्चों व पुरुषों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली और जागरूकता के प्रसार के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागीदारी की. इस दौरान पुरोहितों, हलवाइयों, रसोइयों, सजावट, बैंड बाजा वालों व शादी का कार्ड छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस के मालिकों जैसे विवाह से जुड़े सभी हितधारकों ने शपथ ली कि वे बाल विवाह संपन्न कराने में किसी भी तरह से भागीदारी नहीं करेंगे.

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भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत के आह्वान के समर्थन में गैर सरकारी संगठन बनवासी विकास आश्रम ने गिरिडीह में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता व शपथ ग्रहण कार्यक्रमों का आयोजन किया. कार्यक्रम में समाज के हर तबके के लोग शामिल हुए.

इस दौरान मशाल जुलूस और कैंडल मार्च में बाल विवाह पीड़िताओं, महिलाओं, बच्चों व पुरुषों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली और जागरूकता के प्रसार के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागीदारी की. इस दौरान पुरोहितों, हलवाइयों, रसोइयों, सजावट, बैंड बाजा वालों व शादी का कार्ड छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस के मालिकों जैसे विवाह से जुड़े सभी हितधारकों ने शपथ ली कि वे बाल विवाह संपन्न कराने में किसी भी तरह से भागीदारी नहीं करेंगे और इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देंगे.

2023-24 में जिले में 500 से अधिक बाल विवाह रुकवाए : सुरेश शक्ति

बनवासी विकास आश्रम के सचिव सुरेश शक्ति ने अपने कार्यालय में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखते हुए बताया कि बनवासी विकास आश्रम ने स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग व समन्वय से कानूनी हस्तक्षेपों व परिवारों और समुदायों को समझा-बुझा कर 2023-24 में ही जिले में 500 से अधिक बाल विवाह रुकवाए हैं.

केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि यह अभियान हमारे विकसित भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है. देश की बच्चियों को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाए बिना हम इस सपने को पूरा नहीं कर सकते और बाल विवाह इसमें सबसे बड़ी बाधा है. जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा कि हमने जब यह अभियान शुरू किया था तो यह समस्या को उसकी जड़ से मिटाने के लिए बाल विवाह की ऊंची दर वाले राज्यों पर केंद्रित एक लक्षित प्रयास था. एक सुविचारित दृष्टि और रणनीति के साथ शुरू हुआ यह अभियान अब राष्ट्रव्यापी शक्ल ले चुका है और आज देश सदियों से देश में जड़ें जमाए बैठी इस कुप्रथा के खात्मे के लिए एकजुट है.

आज का दिन मेरे लिए एतिहासिक : बाल विवाह पीड़िता

प्रेस वार्ता में मौजूद एक बाल विवाह पीड़िता भागीरथी देवी व रूपा देवी ने इस अपराध के खात्मे के लिए सरकार के संकल्प पर संतोष जताते हुए कहा आज का दिन मेरे लिए ऐतिहासिक है. ऐन मौके पर बाल विवाह रुक जाने से जीवन की कई मुश्किलों और उत्पीड़न से बच्चियां बच गयीं. मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर इस सामाजिक बुराई को समाप्त कर देंगे. मौके पर बनवासी विकास आश्रम के मुकेश कुमार, उत्तम कुमार सिंह, राकेश कुमार आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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