एनजीटी की रोक के बाद भी नहीं रुक रही बालू का उठाव

Updated at : 05 Jul 2024 11:32 PM (IST)
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एनजीटी की रोक के बाद भी नहीं रुक रही बालू का उठाव

एनजीटी की रोक के बावजूद बिरनी क्षेत्र के नदी घाटों से बालू की तस्करी जारी है. प्रखंड की इरगा, बराकर समेत अन्य नदी घाटों से प्रतिदिन अवैध रूप से हजारों सीएफटी बालू का उठाव हो रहा है. अधिकारी नदियों से हो रहे बालू उठाव पर रोक लगाने पर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं.

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गोरखधंधा. बिरनी के नदी घाटों से प्रतिदिन ट्रैक्टर से हो रहा उठाव, अधिकारी सुस्त

बिरनी.

एनजीटी की रोक के बावजूद बिरनी क्षेत्र के नदी घाटों से बालू की तस्करी जारी है. प्रखंड की इरगा, बराकर समेत अन्य नदी घाटों से प्रतिदिन अवैध रूप से हजारों सीएफटी बालू का उठाव हो रहा है. अधिकारी नदियों से हो रहे बालू उठाव पर रोक लगाने पर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. अधिकारियों के सुस्त पड़ने के कारण बालू माफिया मालामाल हो रहे हैं और सरकार को चूना लगा रहे हैं. मालूम रहे कि सरकार की रोक के बाद क्षेत्र में बालू की काफी किल्लत हो गयी है. बालू माफिया अधिकारियों का भय दिखाकर बालू दोगुना भाव पर बेच रहे हैं. इससे उन्हें मोटी मोटी कमाई हो रही है.

सरकारी योजनाओं के संवेदक कर रहे बालू डंप

एक तरफ स्थानीय लोगों को निजी कार्य कराने में बालू की किल्लत हो रही है. लोग अपने घरों व अन्य काम नहीं करवा पा रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर सरकारी योजनाओं के संवेदक सभी नियम-कानून को धत्ता बताते हुए बालू माफियाओं से सांठगांठ कर बालू का उपयोग कर रहे है. संवेदकों को किसी भी अधिकारी का डर नहीं है. ऐसा ही मामला चितनखारी में देखने को मिला. यहां शिव ज्योति कंस्ट्रक्शन धनबाद लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से पानी टंकी समेत अन्य निर्माण करवा रही है. इसके लिए उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के पास टंकी का निर्माण कराया जा रहा है. यहां संवेदक ने लगभग पांच हजार सीएफटी बालू का स्टॉक कर रखा है. वहीं, खरखरी में बन रहे उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण में लगभग 15 सौ सीएफटी बालू को स्टॉक किया गया है. लेकिन, किसी भी अधिकारी का इस ओर ध्यान नहीं है. शिव ज्योति कंस्ट्रक्शन के आनंद शंकर का कहना है कि सरिया-बगोदर अनुमंडल पदाधिकारी से आदेश लेकर नदी से बालू का उठाव कर उपयोग कर रहे हैं.

नदियों की बिगड़ रही सूरत

जैसे-तैसे बालू उठाव के कारण नदियों की सूरत बिगड़ रही है. जलस्रोत नीचे चला गया है. मालूम रहे कि बराकर व इरगा नदी से जैसे-तैसे बालू उठाव होने के कारण यहां बने इंटेक वेल में पानी नहीं पहुंच रहा है. इसके कारण नवादा, कपिलो, बराडीह व भरकट्टा बलीडीह में जलापूर्ति ठीक से नहीं हो रही है. जलापूर्ति नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है.

क्या कहते हैं सीओ

बिरनी सीओ सारांश जैन ने बताया कि संवेदक ने एसडीओ के द्वारा बालू उठाव का आदेश देने की बात कही है, जो निराधार है. इसके लिए कोई विशेष कानून नहीं बना है. जांच कर कार्रवाई की जायेगी. नदी से बालू उठाव पर पूर्ण प्रतिबंध है. अवैध रूप से बालू उठाव के खिलाफ अभियान तेज किया जायेगा.

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