Giridih News : टीबी के खिलाफ लड़ाई में सामुदायिक भागीदारी जरूरी : डीसी
Published by : MANOJ KUMAR Updated At : 25 Mar 2026 12:57 AM
Giridih News : विश्व यक्ष्मा दिवस पर विशेष टीबी खोज अभियान शुरू
Giridih News : प्रतिनिधि, गिरिडीह. विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर मंगलवार को सदर अस्पताल सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान जिला टीबी फोरम की बैठक आयोजित की गयी तथा गिरिडीह जिले में 100 दिवसीय विशेष टीबी खोज अभियान प्रारंभ करने की घोषणा की गयी. मौके पर डीसी रामनिवास यादव ने टीबी के खिलाफ लड़ाई में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने पर जोर देते हुए गैर सरकारी संगठनों, जनप्रतिनिधियों, औद्योगिक संस्थानों, निजी चिकित्सालयों एवं सक्षम नागरिकों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की अपील की.
टीबी मरीजों को दी जा रही कई सुविधाएं :
इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन डीसी रामनिवास यादव, सीएस डॉ शेख मोहम्मद जफरुलाह, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रेखा कुमारी, जिला आरसीएच पदाधिकारी एवं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ प्रदीप बैठा ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रेखा कुमारी ने बताया कि टीबी मरीजों को नि:शुल्क जांच, नि:शुल्क एंटी टीबी दवा, टीपीटी, सीवाई टीबी टेस्ट एवं निक्षय पोषण योजना के तहत सहायता दी जा रही है. उन्होंने वर्ष 2025 की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025 में कुल 83,748 बलगम जांच की गयी. इसमें 3,247 टीबी मरीजों की पहचान कर इलाज किया गया और 96 प्रतिशत सफलता दर प्राप्त हुई. निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज अवधि के दौरान मरीजों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की दर से कुल एक करोड़ 89 लाख 48 हजार रु की सहायता दी गयी. इसके अलावा टीबी चिकित्सा सहयोगियों को 4 लाख 93 हजार 500 रु तथा टीबी उपचार सहयोगी को सात लाख 86 हजार 100 रु का भुगतान किया गया.लोगों को दी गयीं जिम्मेदारी : मौके पर सीएस शेख मोहम्मद जफरुल्ला ने टीबी के इतिहास और इसके कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि टीबी किसी को भी हो सकता है, पर कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है. उन्होंने कहा कि समय पर जांच और नियमित दवा सेवन से टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है. टीबी रोगियों की खोज को तेज करने के लिए प्रत्येक सहिया को प्रतिमाह कम से कम पांच खांसी से पीड़ित व्यक्तियों के बलगम की जांच कराने की जिम्मेदारी दी गयी है. इसके साथ ही प्रत्येक प्रखंड के अधिक जोखिम वाले गांवों, सुदूरवर्ती क्षेत्रों, शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में विशेष चिकित्सा टीम गठित कर बलगम संग्रहण कार्य किया जा रहा है.
समाज को जागरूक करने की अपील : सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, ताकि वर्ष 2026 तक जिले की सभी पंचायतों को टीबी मुक्त बनाया जा सके. टीबी मरीजों के क्लोज कॉन्टैक्ट को टीबी से बचाव के लिए टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट भी दिया जा रहा है. इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ चिकित्सक एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन गिरिडीह के अध्यक्ष डॉ रियाज अहमद ने टीबी उन्मूलन के उपायों पर अपने अनुभव साझा करते हुए समाज को जागरूक करने का आह्वान किया.सीएस व जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने मरीजों को लिया गोद : कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को फूड बास्केट प्रदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया. साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों, सहिया एवं टीबी चैंपियन भी सम्मानित किये गये. कार्यक्रम से प्रेरित होकर सीएस डॉ शेख मोहम्मद जफरुल्ला एवं जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रेखा कुमारी ने पांच-पांच टीबी मरीजों को गोद लेने की घोषणा की.
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