Giridih News :सीबीआइ ने सीजीएसटी के सुपरिटेंडेंट व इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा

Published by : PRADEEP KUMAR Updated At : 21 May 2026 10:39 PM

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Giridih News :सीबीआइ की टीम को गिरिडीह में सीजीएसटी के सुपरिटेंडेंट और इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ने में सफलता मिली है. दोनों के खिलाफ सीबीआइ ने मामला भी दर्ज कर लिया है.

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बता दें कि बिरनी के मेसर्स राजू अंसारी के जीएसटी पोर्टल में एक बिचौलिये ने हेराफेरी की था और इसी हेराफेरी को दुरुस्त करने के लिए सीजीएसटी के सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी और इंस्पेक्टर बिरजू कुमार ने 90 हजार रुपये की मांग की थी. अंत में 65 हजार रुपये पर समझौता हुआ जिसके लेनदेन के समय ही सीबीआइ ने सीजीएसटी कार्यालय में छापामारी कर दोनों अधिकारियों को दबोच लिया. अधिकारियों को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआइ दोनों को धनबाद लेकर गयी. सीबीआइ के इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है. यह भी बताया जा रहा है कि बुद्धेश्वर सुंडी का स्थानांतरण गिरिडीह सीजीएसटी कार्यालय से जमशेदपुर हो गया था और उनका विदाई समारोह गुरुवार को होना था, लेकिन इसके एक दिन पूर्व ही बुधवार को सीबीआइ ने उन्हें दबोच लिया.

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार जमुआ के अनीश कुमार सेठ नामक युवक मेसर्स राजू अंसारी का जीएसटी का काम देखता था और हर महीने जीएसटी पोर्टल पर इंट्री करता था. बताया जाता है कि इस दौरान बिना राजू अंसारी को बताये वह कई लोगों को इनवॉइस निर्गत कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड कर देता था. जब सीजीएसटी कार्यालय रांची से डिमांड नोटिस भेजा जाने लगा तो राजू अंसारी के होश उड़ गये. छानबीन करने पर जानकारी मिली कि विभिन्न लोगों के नाम से निर्गत इनवॉइस की इंट्री कर दी गयी है, जिसका जीएसटी का बकाया लगभग 90 लाख रुपये हो गया है. जब अनीश पर दबाव बनाया गया तो उसने पुन: अलग-अलग इंवाइस की इंट्री कर बकाया को शून्य कर दिया. चूंकि शून्य करने के दौरान काफी कम समय में इन्वाइस की इंट्री की गई थी तो ऐसे में अनीश की मिलीभगत से सीजीएसटी के अधिकारियों ने राजू अंसारी को कार्रवाई करने की धमकी दी. फिर अनीश के साथ मिलकर सीजीएसटी के सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी और इंस्पेक्टर बिरजू कुमार ने आइटीसी मिसमैच के मामले को रफा-दफा करने के लिए राजू अंसारी से 90 हजार रूपये की मांग की. परेशान राजू ने धनबाद में सीबीआइ के एसपी भंवरलाल मीणा से संपर्क स्थापित किया और एसपी के निर्देश पर छापामारी की योजना बनायी गई.

बुधवार की सुबह 11 बजे से रात दो बजे तक चली छापेमारी

पूरे मामले का सत्यापन करने के बाद 65 हजार रुपये अधिकारियों को देने की योजना बनायी गयी, जिसमें 50 हजार रूपये नगद केमिकल लगाया हुआ रकम राजू ने अधिकारियों को दिया. इस रकम को लेने के बाद सीबीआइ ने रंगेहाथ सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी और इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को पकड़ लिया. रकम लेकर सीजीएसटी के अधिकारियों ने किसी अन्य व्यक्ति से घर भेजवा दिया था. लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद अधिकारियों ने सच्चाई बता दी और फिर सीबीआइ ने रिश्वत की 50 हजार रकम को भी बरामद कर लिया. लगभग 13 घंटे तक अधिकारियों ने पूछताछ की. जांच रिपोर्ट तैयार किया और डायरी व चार्जशीट भी तैयार किया. लगभग 27 सीबीआइ अधिकारियों की टीम इस कार्य में लगी हुई थी. छह चार पहिया व दो बाइक से अधिकारियों ने बरमसिया में स्थित सीजीएसटी कार्यालय के आसपास अपना जाल बिछाया था.

सीधे रिश्वत की रकम छुने में आनाकानी कर रहे थे अधिकारी

रिश्वत की रकम लेते सीधे अधिकारी जांच एजेंसियों के पकड़ में ना आ जाये, इसके लिए काफी सावधानी बरती जा रही थी. राजू अंसारी को रिश्वत की रकम लेकर बरमसिया स्थित सीजीएसटी ऑफिस बुलाया गया और वहां पहुंचते ही उसके मोबाइल को स्वीच ऑफ करा दिया गया. रकम लेनेदेन की बात हुई तो राजू ने 50 हजार रुपये नगद और शेष 15 हजार रुपये बैंक से निकालकर देने की बात कही. जब वह 50 हजार रूपये का नोट देने लगा तो अधिकारी हाथ में लेने से कतराते रहे. अधिकारियों ने उसे दो लिफाफा दिया और रकम को उसी में डाल देने को कहा. केमिकल लगा हुआ नोट को राजू ने लिफाफे में डाल दिया और फिर जब लिफाफा अधिकारियों को दी गई तो वह सीधे हाथ में ना लेकर उसे एक फाइल में रखवाया. इसके बाद वह फाइल लेकर इंस्पेक्टर बिरजू कुमार सुपरिटेंडेंट के पास चले गये. रूपये भरे लिफाफे को सुपरिटेंडेंट ने पॉकेट में रखा और कार्यालय से बाहर जाकर एक अन्य व्यक्ति चंदन कुमार को घर पहुंचाने के लिए दे दिया. इस बीच राजू के इशारे पर सीबीआइ की टीम कार्यालय के अंदर पहुंच गई और सुपरिटेंडेंट के अंदर घुसते ही दरवाजे को बंद कर दिया गया. काफी पूछताछ के बाद भी सुपरिटेंडेंट और इंस्पेक्टर ने अपना मुंह नहीं खोला. कपड़े को खोलकर पिटाई की गई. इसके बाद जिस पेंट के पॉकेट में सुपरिटेंडेंट ने रूपया रखा था, उस पॉकेट को धुलवाया गया. देखते ही देखते पॉकेट का रंग गुलाबी हो गया. इस रंग को देख अधिकारियों के होश उड़ गये. रुपये का लिफाफा देते समय राजू ने लिफाफे के चारों ओर केमिकल लगा दिया था. अंत में दोनों अधिकारियों ने स्वीकार किया कि चंदन नामक लड़के से राशि घर भेजी गई है. सुपरिटेंडेंट के निशानदेही पर सीबीआइ ने उनके घर से रिश्वत की 50 हजार रुपये को बरामद कर लिया.

सीजीएसटी कार्यालय का कर्मी चंदन और बिचौलिया अनीश फरार

जिस चंदन ने रिश्वत की रकम को सुपरिटेंडेंट के घर तक पहुंचाया था उसे सीबीआइ के अधिकारी खोजते रहे लेकिन वह नहीं मिला. यहां तक कि उसने अपने मोबाइल को भी स्वीच ऑफ कर लिया था. बताया जाता है कि सीबीआइ के अधिकारी चंदन के घर तक भी गये थे. चंदन किस पद पर है, यह पता नहीं चल पाया है, लेकिन चंदन सीजीएसटी कार्यालय में ही पदस्थापित है. वहीं राजू अंसारी के जीएसटी पोर्टल पर हेराफेरी करने वाला व अवैध रकम दिलाने में बिचौलियागिरी करने वाला अनीश कुमार सेठ भी फरार हो गया है. अनीश जमुआ का रहने वाला है और उस पर कई अवैध कार्य करने का आरोप है. उसका भी मोबाइल स्वीच ऑफ है.

जमशेदपुर व दरभंगा में भी हुई छापेमारी

गिरिडीह में चल रही छापेमारी में सीबीआइ की कई टीमें काम कर रही थी. मिली जानकारी के अनुसार इस टीम में झारखंड, बिहार और बंगाल के अधिकारियों को शामिल किया गया था. सीबीआइ ने सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी के गिरिडीह आवास के साथ-साथ जमशेदपुर और दरभंगा में भी छापामारी की है. इस छापामारी के संबंध में अभी तक सीबीआइ ने कोई खुलासा नहीं किया है. सीबीआइ ने इस बात की पुष्टि की है कि रिश्वत लेने के मामले में धनबाद में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सीजीएसटी के दो अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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