प्रधानाध्यापक विहीन हैं जिले के 176 उच्च विद्यालय
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :13 May 2017 8:52 AM
विज्ञापन

हर माह हो रही वेतन निकासी में परेशानी जिले के 140 उउवि के शिक्षकों को नहीं मिला पांच माह से वेतन गिरिडीह : जिले के 176 उच्च विद्यालय प्रधानाध्यापक विहीन है. इनमें 140 उत्क्रमित उच्च विद्यालय व 42 राजकीयकृत उच्च विद्यालय शामिल हैं. छह उच्च विद्यालयों में स्थायी प्रधानाध्यापक हैं. शेष उच्च विद्यालय प्रभारी प्रधानाध्यापक […]
विज्ञापन
हर माह हो रही वेतन निकासी में परेशानी
जिले के 140 उउवि के शिक्षकों को नहीं मिला पांच माह से वेतन
गिरिडीह : जिले के 176 उच्च विद्यालय प्रधानाध्यापक विहीन है. इनमें 140 उत्क्रमित उच्च विद्यालय व 42 राजकीयकृत उच्च विद्यालय शामिल हैं. छह उच्च विद्यालयों में स्थायी प्रधानाध्यापक हैं. शेष उच्च विद्यालय प्रभारी प्रधानाध्यापक के भरोसे चल रहा है. निदेशालय की ओर से प्रभारी प्रधानाध्यापक डीडीओ का दर्जा नहीं दिया गया है. इस कारण जिले के छह उच्च विद्यालय को छोड़ शेष 176 उच्च विद्यालय के करीब ढाई सौ शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन की निकासी जिला शिक्षा पदाधिकारी के जिम्मे है. इन विद्यालयों के निकासी व व्ययन पदाधिकारी डीइओ स्वयं है. गिरिडीह प्रखंड को छोड़ शेष 12 प्रखंड के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन निकासी का भार डीइओ के कंधे पर हैं. इसी कारण शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतन नहीं मिल पा रहा है.
क्या है प्रधानाध्यापक बनने का नियम : उच्च विद्यालयों में प्रधानाध्यापक बनने का नियम निदेशालय की ओर से तय किया गया है. इसके लिए वहीं शिक्षक प्रधानाध्यापक बन सकते है जो एमए, बीएड हो. साथ ही वैसे शिक्षकों को ही प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नति करने का भी नियम बनाया गया है. स्थायी प्रधानाध्यापक ही उच्च विद्यालयों के डीडीओ होते हैं.
डीडीओ के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी उनके नामों की अनुशंसा कर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के पास रिपोर्ट भेजते है. छानबीन के बाद निदेशालय योग्य शिक्षकों को उच्च विद्यालयों में डीडीओ बनाता है. हालांकि वर्तमान समय में उत्क्रमित उच्च विद्यालय व राजकीयकृत उच्च विद्यालय में डीडीओ की कमी है.
उउवि के शिक्षकों को पांच माह से नहीं मिला है वेतन : जिले के 140 उत्क्रमित उच्च विद्यालय के शिक्षकों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है. यह स्थिति वेतन मद में आवंटन नहीं रहने के कारण उत्पन्न हुई है. दूसरी तरफ राजकीयकृत उच्च विद्यालयों में शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों के वेतन मद में आवंटन रहने के बावजूद भी इन शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा है. मकतपुर उच्च विद्यालय, सर जेसी बोस बालिका उच्च विद्यालय, गिरिडीह एचइ स्कूल, पचंबा उच्च विद्यालय, बनियाडीह उवि व बेंगाबाद उवि के प्रधानाध्यापक ही डीडीओ हैं और वहां वेतन भुगतान में शिक्षकों को परेशानी नहीं है. जबकि शेष प्रखंडों के उच्च विद्यालयों के शिक्षकों के बीच वेतन भुगतान में परेशानी हो रही है.
वेतन भुगतान में हो रही है मनमानी : संघ
माध्यमिक शिक्षक संघ के सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि उच्च विद्यालय के शिक्षकों को नियमित वेतन आवंटन रहने के बाद भी नहीं मिलता है. यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है. इसी मुद्दे को लेकर संघ ने शनिवार को मकतपुर उच्च विद्यालय में शिक्षकों की बैठक बुलायी है. उक्त बैठक में वेतन भुगतान को लेकर भावी रणनीति तय की जायेगी. सरकारी नियमावली के अनुसार एमए बीएड योग्यताधारी शिक्षक को ही एचएम का प्रभार दिया जाना है. इधर एमए व बीएड योग्यताधारी शिक्षक रहने के बाद भी जिले के बगोदर व जरीडीह उच्च विद्यालय में खेल शिक्षक को एचएम का प्रभार दिया गया है.
समय पर नहीं मिलता है वेतन विपत्र : डीइओ
डीइओ निर्मला कुमारी बरेलिया ने कहा कि वेतन विपत्र बनाने के लिए उनके स्तर से कोई परेशानी नहीं है. सबसे अधिक परेशानी यह है कि समय पर उच्च विद्यालयों से विपत्र नहीं मिलता है. अब तक धनवार व गांडेय उच्च विद्यालय के शिक्षकों का वेतन विपत्र भेजा गया है. शेष विद्यालय के एचएम विपत्र समर्पित करने में कोताही बरत रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










