एक साथ चार लाश देख रो पड़ा बेंगाबाद

Updated at :09 May 2017 8:30 AM
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एक साथ चार लाश देख रो पड़ा बेंगाबाद

गिरिडीह-मधुपुर मुख्य मार्ग पर झलकडीहा के पास सड़क हादसे में लिट्टीपाड़ा (पाकुड़) के थाना प्रभारी महेश प्रसाद (50) समेत चार लोगों की मौत से बेंगाबाद प्रखंड क्षेत्र में कोहराम मच गया. जिसे सूचना मिली वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा. वहीं सदर अस्पताल में परिजनों के चीत्कार से हर किसी की आंखें नम हो गयीं. […]

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गिरिडीह-मधुपुर मुख्य मार्ग पर झलकडीहा के पास सड़क हादसे में लिट्टीपाड़ा (पाकुड़) के थाना प्रभारी महेश प्रसाद (50) समेत चार लोगों की मौत से बेंगाबाद प्रखंड क्षेत्र में कोहराम मच गया. जिसे सूचना मिली वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा. वहीं सदर अस्पताल में परिजनों के चीत्कार से हर किसी की आंखें नम हो गयीं.

गिरिडीह/बेंगाबाद : सड़क हादसे में चार बरातियों की मौत से छोटकी खरगडीहा में शादी की खुशी पलभर में गम में बदल गयी. जैसे ही सोमवार की सुबह करीब पांच बजे चारों के शव सदर अस्पताल पहुंचे तो परिजन व ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी. एक साथ एक ही पंचायत के चार लोगों का शव देख हर कोई रो रहा था. इधर सूचना पाकर नगर पुलिस भी सदर अस्पताल पहुंची. डीएसपी विजय आशिष कुजूर, जीतबाहन उरांव, सार्जेंट मेजर जेपी नाग समेत कई पुलिस पदाधिकारी भी पहुंचे और मामले की जानकारी ली.

चिकित्सक के घर शुभचिंतकों का तांता : छोटकी खरगडीहा चौक पर सोनिया मेडिकल के संचालक डाॅ सुरेश प्रसाद कुशवाहा (48) की मौत की खबर मिलते ही शुभचिंतकों की भीड़ जुट गयी.

छोटकीखरगडीहा सहित उनके पैतृक गांव नवडीहा ओपी के नइयाडीह गांव में काफी संख्या में लोग जुटे और परिजनों को ढांढ़स बंधाने में जुट गये. बता दें कि नइयाडीह निवासी जयनारायण कुशवाहा प्राइवेट चिकित्सक थे. उन्होंने छोटकी खरगडीहा में वर्षों पूर्व सोनिया मेडिकल स्थापित किया था, जिसे उनके चिकित्सक पुत्र सुरेश प्रसाद कुश्वाहा चला रहे थे.

डाॅ सुरेश क्षेत्र में काफी चर्चित थे. सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके पैतृक आवास नइयाडीह ले जाया गया. सोमवार की दोपहर को उनका अंतिम संस्कार गांव के ही समीप उसरी नदी घाट में किया गया.

प्रशिक्षु डीएसपी भी पहुंचे : खबर पाकर हजारीबाग के प्रशिक्षु डीएसपी दारोगा महेश प्रसाद के नजदीकी रिश्तेदार चंद्रशेखर आजाद भी सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने डीएसपी विजय आशिष कुजूर से भी मुलाकात की. श्री कुजूर ने घटना की जानकारी ली. बताया गया कि दिवंगत महेश प्रसाद की पुत्री स्वेता श्री के साथ प्रशिक्षु डीएसपी चंद्रशेखर आजाद की शादी तय हुई है.

1994 बैच के दारोगा थे महेश प्रसाद

बिझैया गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक बाबूलाल महतो के इकलौते पुत्र महेश प्रसाद 1994 बैच के दारोगा पद पर नियुक्त हुए थे. वह प्रखंड के इकलौते कार्यरत दारोगा थे. काफी सरल, मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे. अपने बचपन के मित्रों को वे कभी नहीं भूले. जब भी उनके मित्रों ने उन्हें बुलाया वे दूर रहकर भी आए और सुख दुख में सहभागी बने. वह पाकुड के लिट्टीपाडा थाना में बतौर थानेदार पदस्थापित थे.

चार माह पहले हुई थी पिता की मौत

चार माह पूर्व दारोगा महेश ने अपनी पुत्री श्वेता श्री की शादी हजारीबाग निवासी प्रशिक्षु डीएसपी के साथ तय की थी. सगाई की रस्म पूरी होने के दो दिन बाद उनके पिता रिटायर्ड शिक्षक बाबूलाल महतो का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था, पिता की मौत के कारण बेटी की शादी टल गयी थी.

चार मित्रों के साथ बरात में गये थे देवघर

दारोगा महेश प्रसाद अपने बचपन के मित्र छोटकी खरगडीहा निवासी घनश्याम पंडित के पुत्र ज्योतिष कुमार की शादी में शामिल होने आये थे. देवघर में पूजा-अर्चना के बाद रविवार को घर वह पहुचे. शाम को अपने चार मित्रों के साथ बारात में शरीक होने देवघर जिला के सारठ स्थित बाघापथार गांव अपने निजी चालक सिंकदर यादव के साथ बोलेरो लेकर गये थे. वापस लौटने के दौरान झलकडीहा के पास हादसे का शिकार हो गये.

दो साल पूर्व हुई थी राजेश की शादी

हादसे में छोटकी खरगडीहा निवासी राजेश कुमार वर्मा (24) की मौत से पत्नी सीमा देवी, मां और पिता सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने बताया कि राजेश की शादी मोतीलेदा के बरमसिया निवासी सीमा के साथ दो साल पूर्व हुई थी. राजेश का एक पुत्र भी है. घटना से छोटकी खरगडीहा बाजार में मातम पसरा हुआ है.

शव के अंतिम दर्शन करने सड़क किनारे खड़े थे लोग : दारोगा महेश प्रसाद की मौत की खबर सुनते ही हर किसी को सहसा विश्वास नहीं हो रहा था. हर कोई उनके मिलनसार और मृदुभाषी होने की चर्चा कर रहा था.

सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद सम्मान के साथ पुलिस बल के जवानों ने शव को बिझैया गांव पहुंचाया. प्रखंड के इकलौते दारोगा की अंतिम झलक पाने के लिए बारासोली चौक, बेंगाबाद चौक, छोटकीखरगडीहा चौक पर लोगों की भीड़ डटी रही. इस दौरान लोग अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर सड़क किनारे खड़े थे. वहीं जवानों ने वाहन को रोककर लोगों को दारोगा महेश प्रसाद का अंतिम दर्शन कराया. वहीं बिझैया गांव में उनकी पत्नी उर्मिला देवी, पुत्र विपुल कुमार, पुत्री श्वेता श्री सहित अन्य परिजनों का रो -रोकर बुरा हाल है. स्थानीय मुंगो नदी के घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया.

बिहार व झारखंड के कई थानों में कार्य कर चुके थे महेश : दारोगा महेश प्रसाद की पहली पोस्टिंग संयुक्त बिहार के बेगुसराय में हुई थी. झारखंड बनने के बाद गोड्डा, टाटानगर, जमशेदपुर में पदस्थापित रहे. वर्तमान में वह पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा में तैनात थे. वह अपने पीछे मां सीता देवी, पत्नी उर्मिला देवी, पुत्री श्वेता श्री, पुत्र विपुल कुमार को छोड़ गये हैं.

इन्होंने भी जताया शोक : पूर्व विधायक लक्ष्मण र्स्वणकार, पूर्व जिप अध्यक्ष मुनिया देवी, मृगेन्द्र वर्मा, झाविमो जिलाध्यक्ष महेश राम, झाविमो के नगर अध्यक्ष नवीन सिन्हा, पांडेयडीह मुखिया दिलीप वर्मा, छोटकी खरगडीहा मुखिया महेन्द्र प्रसाद वर्मा, कांग्रेस के नरेश वर्मा समेत कई राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी सदर अस्पताल पहुंचे. सभी ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और ढाढस बंधाया.

शोक प्रकट करने वालों में बेंगाबाद प्रमुख रामप्रसाद यादव, पंसस राम प्रसाद वर्मा, झाविमो प्रखंड अध्यक्ष महेन्द्र अग्रवाल, पंसस प्रतिनिधि बाबूचंद साव, बुधन साव, सुभाष राना, मनोहर वर्मा, संतोष वर्मा, छोटेलाल दास, मो जैनूल अंसारी, शिक्षक भागीरथ महतो, भागीरथ वर्मा, देवचंद्र यादव सहित अन्य ने घटना पर शोक जताया है.

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