शौचालय निर्माण में 10 करोड़ की गड़बड़ी पूर्व कार्यपालक अभियंता पर प्राथमिकी

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Apr 2017 7:54 AM

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पेयजल एवं स्वच्छता विभाग प्रमंडल वन के पूर्व कार्यपालक अभियंता कुमार नीरज बने नामजद 2016-17 में शौचालय निर्माण के लिये दी गयी थी अग्रिम राशि डीसी की अनुशंसा पर विभाग ने कार्यपालक अभियंता को किया था निलंबित गिरिडीह. स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ी का मामला सामने आया है. इसे […]

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पेयजल एवं स्वच्छता विभाग प्रमंडल वन के पूर्व कार्यपालक अभियंता कुमार नीरज बने नामजद
2016-17 में शौचालय निर्माण के लिये दी गयी थी अग्रिम राशि
डीसी की अनुशंसा पर विभाग ने कार्यपालक अभियंता को किया था निलंबित
गिरिडीह. स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ी का मामला सामने आया है.
इसे लेकर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. यह प्राथमिकी गिरिडीह पेयजल एवं स्वच्छता विभाग प्रमंडल संख्या एक के वर्तमान कार्यपालक अभियंता संजय कुमार की शिकायत पर दर्ज की गयी है. प्राथमिकी में 10 करोड़ चौसठ लाख 49 हजार 875 रुपये गबन करने का आरोप है. मामले में गिरिडीह पेयजल एवं स्वच्छता विभाग प्रमंडल संख्या एक के पूर्व कार्यपालक अभियंता कुमार नीरज को नामजद किया गया है.
नगर थाना के पुअनि श्रीनिवास ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि कांड संख्या 130/17 दिनांक – 20.04.17 धारा 409/420/120बी भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस मामले के अनुसंधान की जिम्मेवारी नगर थाना के पुअनि मो. फैज रब्बानी को सौंपी गयी है.
खर्च का ब्योरा मांगने पर भी नहीं दिया हिसाब
वित्तीय वर्ष 2016-17 में शौचालय निर्माण की राशि गिरिडीह पीएचईडी वन को मिलने के बाद 10 करोड़ का हिसाब नहीं मिल पा रहा था. कई बार कुमार नीरज ( निवर्तमान कार्यपालक अभियंता)से खर्च का ब्योरा मांगा गया, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया गया कि राशि खर्च कहां की गयी. विभाग ने कई बार उनसे राशि का हिसाब भी मांगा,लेकिन हिसाब नहीं मिला.
मामले की जांच करायी गयी, जिसमें गड़बड़ी मिलने पर कुमार नीरज के खिलाफ उपायुक्त उमाशंकर सिंह ने प्रपत्र क गठित कर प्रधान सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को भेजा. उपायुक्त के पत्रांक (2231/गो. दिनांक – 24.12.16) के जरिये शौचालय निर्माण में अनियमितता बरते जाने को ले संयुक्त निदेशक स्वच्छ भारत मिशन (झारखंड, रांची) को भी प्राशासनिक कार्रवाई करने हेतु पत्राचार किया गया, लेकिन पूर्व कार्यपालक अभियंता कुमार नीरज ने सरकारी राशि का सामंजन नहीं किया. डीसी की अनुशंसा के आलोक में कुमार नीरज पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए दिसंबर 2016 को निलंबित कर दिया.
आदेश के बावजूद नहीं किया राशि का सामंजन
दर्ज एफआइआर में कार्यपालक अभियंता संजय कुमार ने कहा है कि पूर्व कार्यपालक अभियंता कुमार नीरज के कार्यकाल में वर्ष 2016-17 में एसबीएम के तहत शौचालय निर्माण के लिये अग्रिम राशि उपलब्ध करायी गयी थी. उक्त राशि में से 10 करोड़ चौसठ लाख 49 हजार 875 रुपये का समायोजन नहीं किया गया.
इस संबंध में तत्कालीन कार्यपालक अभियंता कुमार नीरज को लिखित एवं मौखिक रूप से सामंजन हेतु निर्देश दिया गया, परंतु उक्त राशि के समांजन हेतु उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की.
बगैर डीसी की अनुमति के भेज दी थी रािश
वर्ष 2016-17 में कार्यपालक अभियंता कुमार नीरज पीएचइडी वन में कार्यरत थे. इस दौरान बगैर डीसी के हस्ताक्षर के ही शौचालय निर्माण कराने के लिये मिली राशि में से 10 करोड़ से अधिक की राशि वीडब्ल्यूएससी को आरटीजीएस के माध्यम से भेज दी गयी. बाद में उक्त राशि का सामंजन नहीं किया गया.
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