Giridih News: क्लस्टर प्वाइंट से आठवीं के छात्र-छात्राओं को लेनी पड़ रही है साइकिल

Updated at : 19 Jul 2025 1:11 AM (IST)
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Giridih News: क्लस्टर प्वाइंट से आठवीं के छात्र-छात्राओं को लेनी पड़ रही है साइकिल

Giridih News: एक ओर जहां आठवीं के छात्र-छात्राओं को फ्री में साइकिल देने की सरकार की घोषणा से छात्र-छात्राओं में खुशी देखी जा रही है, तो वहीं मोटी रकम कमाने की फिराक में साइकिल के आपूर्तिकर्ता अपनी मनमानी कर रहे हैं.

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राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को फ्री में साइकिल उनके स्कूलों में पहुंचाकर देना है. लेकिन आपूर्तिकर्ता स्कूलों तक साइकिल पहुंचाने में आनाकानी कर रहा है. बता दें कि झारखंड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण शाखा ने वर्ष 2023-24 और वर्ष 2024-25 में सरकारी विद्यालयों के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ी जाति के वर्ग आठ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल देने की योजना बनायी है. इसी योजना के तहत गिरिडीह जिले में 35,633 साइकिल का वितरण वित्तीय वर्ष 2024-25 में होना है. पिछले दिनों झारखंड के आदिवासी कल्याण आयुक्त ने एक आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि साइकिल के आपूर्तिकर्ता संबंधित प्रखंड के कलस्टर प्वाइंट पर साइकिल की फिटिंग करेंगे और फिर संबंधित विद्यालयों में उसे पहुंचायेंगे. साथ ही संबंधित विद्यालयों के प्रबंध समिति को निर्देश दिया गया है कि वे बिना विलंब किये हुए साइकिल का वितरण कराना सुनिश्चित करेंगे. बावजूद विभागीय मिलीभगत से आपूर्तिकर्ता खुलेआम मनमानी कर रहे हैं और कलस्टर प्वाइंट से स्कूलों तक साइकिलों को पहुंचाने में होने वाले खर्च को बचाने के लिए कलस्टर प्वाइंट से ही स्कूल प्रबंधन और छात्र-छात्राओं को उठाव के लिए विवश कर रहे हैं. इस बाबत एभन साइकिल के आपूर्तिकर्ता के प्रतिनिधि सूरज का कहना है कि कलस्टर प्वाइंट से ही उठाव करने के लिए एसओपी जारी किया गया है.

साइकिल लाने में स्कूल प्रबंधन भी कर रहा है खर्च

इधर दूर-दराज के इलाके में स्थित स्कूलों के बच्चों को कलस्टर प्वाइंट पर जाकर साइकिल उठाना पड़ रहा है जिससे अभिभावकों में आक्रोश देखा जा रहा है. अभिभावकों का कहना है कि बरसात के दिनों में उबड़-खाबड़ रास्ते से होते हुए जान-जोखिम में डालकर बच्चों को साइकिल कलस्टर प्वाइंट से लाना पड़ रहा है. कई स्कूलों के प्रधानाचार्य ने कहा कि जब छात्र साइकिल लाने नहीं जाते हैं तो स्कूल को आवंटित साइकिल स्वयं के खर्च से परिवहन कर स्कूल तक लाना पड़ रहा है. जबकि इसके लिए विभाग से कोई फंड स्कूल को उपलब्ध नहीं कराया गया है.

ठीक फिटिंग नहीं रहने से भी छात्र-छात्राओं को हो रही है परेशानी

गौरतलब बात तो यह है कि जिले के कई प्रखंडों में कलस्टर प्वाइंट बनाये गये हैं जहां साइकिल के आपूर्तिकर्ता साइकिल लाकर फिटिंग कर रहे हैं. लेकिन ठीक से साइकिलों का फिटिंग नहीं रहने के कारण इसका खामियाजा भी स्कूल के छात्र-छात्राओं को उठाना पड़ रहा है. अधिकांश कलस्टर प्वाइंट से साइकिल लेकर आ रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि जैसे-तैसे फिट कर साइकिलें उन्हें दे दी जा रही है. किसी साइकिल के चक्के में हवा नहीं है तो किसी के साइकिल का चक्का जाम है. इतना ही नहीं, कई साइकिलों में हैंडल की फिटिंग भी ठीक ढंग से नहीं की जा रही है. स्थिति यह है कि कलस्टर प्वाइंट से साइकिल लेकर उन्हें फिर दुकानों में पहुंचना पड़ रहा है और साइकिल को ठीक से फिट कराना पड़ रहा है. इसके लिए छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त खर्च का भी वहन करना पड़ रहा है. शारदा कन्या मवि पचंबा के छात्र सुमित कुमार ने बताया कि उनके साइकिल का चक्का ठीक से फिट नहीं किया गया जिसके कारण चक्का जाम हो गया है और उन्हें साइकिल ले जाने में परेशानी हो रही है. वहीं अंकिता कुमारी ने बताया कि उसके साइकिल का भी चक्का जाम है और वह साइकिल लेकर दुकान जा रही है जहां फिट कराने के बाद साइकिल घर लेकर जायेगी.

आपूर्तिकर्ता से की जा रही है बातचीत : डीडब्ल्यूओ

जिला कल्याण पदाधिकारी (डीडब्ल्यूओ) जेपी मेहरा का कहना है कि आपूर्तिकर्ता लोगों को भ्रमित कर रहा है. साइकिल फिटिंग कलस्टर प्वाइंट पर किया जाना है, लेकिन आपूर्तिकर्ता को ही साइकिल संबंधित विद्यालय तक पहुंचाना है. कहा कि कई जगह से इस संबंध में शिकायतें मिल रही है कि कलस्टर प्वाइंट से छात्र-छात्राओं को साइकिल खुद लाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि सभी आपूर्तिकर्ता को पूर्व में ही पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे स्कूलों तक साइकिल पहुंचायेंगे. कहा कि पुन: इस संबंध में आपूर्तिकर्ता को एक कड़ा पत्र लिखा जायेगा. इधर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी श्री लखन का कहना है कि हमलोग क्या करें. आपूर्तिकर्ता को कई बार बोल चुके हैं और उन्हें पत्र भी दे चुके हैं. लेकिन कुछ नहीं सुन रहा है.

एजेंसी को बोला गया, फिर भी कर रहा है मनमानी : डीएसई

गिरिडीह के जिला शिक्षा अधीक्षक मुकुल राज का कहना है कि इस संबंध में एजेंसी को कई बार हिदायत दी गयी है, लेकिन उसकी मनमानी जारी है. उन्होंने कहा कि आपूर्तिकर्ता को स्कूल तक साइकिल पहुंचाना है. लेकिन आपूर्तिकर्ता के प्रतिनिधि स्कूल प्रबंधन को सूचित कर अपनी खानापूरी कर रहा है. श्री राज ने कहा कि साइकिल फिटिंग को लेकर भी लगातार शिकायतें मिल रही है. इस संबंध में उन्होंने कल्याण विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत की है, लेकिन अब भी छात्र-छात्राओं को कलस्टर प्वाइंट से साइकिल लाने के लिए जाना पड़ रहा है. कहा कि इस संबंध में वे फिर कल्याण विभाग को पत्र लिखेंगे.

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MAYANK TIWARI

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