गिरिडीह-डुमरी सड़क पर बना गोफ

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300 से 400 मीटर की दूरी पर है आबादी व स्कूल, प्रशासन बेखबर गिरिडीह : गिरिडीह-डुमरी सड़क पर स्टेडियम के समीप बुधवार की रात बारिश के दौरान फिर गोफ बन गया. गुरुवार की सुबह लोगों की नजर इसपर पड़ी. गोफ की परिधि ढ़ाई से तीन फीट होगी. यह सड़क गिरिडीह-रांची जाने का मुख्य मार्ग है. […]

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300 से 400 मीटर की दूरी पर है आबादी व स्कूल, प्रशासन बेखबर
गिरिडीह : गिरिडीह-डुमरी सड़क पर स्टेडियम के समीप बुधवार की रात बारिश के दौरान फिर गोफ बन गया. गुरुवार की सुबह लोगों की नजर इसपर पड़ी. गोफ की परिधि ढ़ाई से तीन फीट होगी. यह सड़क गिरिडीह-रांची जाने का मुख्य मार्ग है.
यहां से करीब 300-400 मीटर की दूरी पर सीसीएल डीएवी स्कूल, जोगीटांड़ बस्ती, मुफस्सिल थाना है. सैंकड़ों वाहन इससे होकर रोजाना आना-जाना करते हैं. बताया जाता है कि इस स्थान पर प्रत्येक वर्ष बारिश के दौरान गोफ बन जाता है, लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं है. लोगों ने इसके चारों ओर एहतियातन पत्थर रख दिया है.
अक्सर बनता है गोफ : सदर प्रखंड के बक्शीडीह के मुखिया ईश्वर दास व महेशलुंडी पंचायत के उपमुखिया राजेन्द्र कुमार ने कहा कि जब भी यहां पर गोफ बनता है तो बालू से भर कर महज खानापूर्ति कर दी जाती है.
एक दशक पूर्व इस स्थान पर उक्त सड़क 100 फीट तक धंस गयी थी. उस वक्त जिला प्रशासन ने सीसीएल के सहयोग से धंसे हुए इलाके को भरा गया था. एक माह तक भू-धंसान वाले इलाके में अभियान चलाया गया था और सैकड़ों वाहन पत्थर डाला गया था. इस अभियान के बाद 6-7 वर्ष तक उक्त स्थान पर सड़क ठीक रही, लेकिन पिछले तीन-चार वर्षो से हर बरसात में यहीं पर गोफ बन रहा है.
खोखली हो गयी है जमीन : इस संदर्भ में कोलियरी के पुराने मजदूर नेता जयनाथ राणा कहते हैं कि दशकों पूर्व इस इलाके में खदान चलती थी. निजी ठेकेदारों को कोयला निकालने की जिम्मेवारी सौंपी गयी थी.
1965-66 तक इस इलाके से कोयला निकाला गया, लेकिन इलाके को ठीक से भरा नहीं गया. फलस्वरूप बरसात में जमीन धंसने की घटना घटती है. वहीं कुछ स्थानीय लोग बताते हैं कि हाल के कुछ वर्षो में यहां पर अवैध रूप से कोयला भी निकाला गया है. अवैध कोयला खनन के कारण भी यह इलाका खोखला हुआ है.
एनएच करेगा काम: पथ निर्माण विभाग
इस संदर्भ में पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोहर कुमार ने बताया कि गिरिडीह-डुमरी सड़क अब एनएच के जिम्मे है. इस सड़क का काम एनएच ही करेगा, वैसे इस मामले को लेकर एनएच के पदाधिकारियों को सूचना दी जा रही है.
जमुआ : जमुआ-कुरहोबिंदो मुख्य मार्ग पर मंगलो गोबिंदपुर स्थित झुनकी नाला पर बनी पुलिया बुधवार को बह गयी. इससे कई गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क कट गया है. वहीं कई ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर बांस की टटरी लगा कर आवाजाही कर रहे हैं.
यहां के महावीर वर्मा, सीताराम महतो, अशोक महतो, जगदीश महतो, बलराम महतो आदि ने बताया कि वर्ष 2000 में जमुआ के तत्कालीन विधायक बलदेव हाजरा(अब स्व.) ने मंगलो-गोबिंदपुर झुनकी नाला पर पुलिया बनवायी थी, लेकिन भारी वाहनों के आवाजाही से यह क्षति ग्रस्त हो गयी. ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर किसी तरह आवागमन चालू किया, लेकिन बारिश के कारण पुलिया बह गयी.
ये गांव प्रभावित : कुरहोबिंदो, गुरगुरो, दमगी, मदनपुर, सिरसिया, मेंढोचपरखो, पन्नियां,बुधुवाटांड़, चिलगा गोबिंदाटांड़, नवडीहा, मंगलो, गोविंदपुर.
गावां. इन दिनों माल्डा-पिहरा पथ हादसों को आमंत्रण दे रहा है. बारिश के कारण घाघरा पुल, कहुआइ पुल व गदर पुलिया के पास पथ टूट गया है. पथ के जगह-जगह टूट जाने से आये दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं.
बता दें कि उक्त पथ की मरम्मत लगभग एक वर्ष पहले की गयी थी. ग्रामीणों ने शीघ्र ही पथ की मरम्मत की मांग विभाग से की है. मांग करने वालों में पंसस आनंदी यादव, मनोज कुमार गुप्ता, मो आशिक इलाही, महेंद्र चौधरी, सौदागर साव, असित रंजन, श्याम सुंदर प्रसाद आदि शामिल हैं.
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