कमाने गया था बेंगलुरु, हादसे में गई जान, खगड़िया में शव पहुंचते ही मचा कोहराम

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अमित शर्मा

Khagaria News: रोजी-रोटी की तलाश में बेंगलुरु गए खगड़िया के एक युवक की मौत हो गई. निर्माणाधीन भवन से गिरने के बाद कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे अमित शर्मा ने आखिरकार दम तोड़ दिया. रविवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरे इलाके में मातम पसर गया.

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खगड़िया से अमित कुमार की रिपोर्ट

Khagaria News: खगड़िया जिले के पौरा थाना क्षेत्र के एक युवक की बेंगलुरु में इलाज के दौरान मौत हो जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. मृतक अमित शर्मा रोजी-रोटी की तलाश में पिछले महीने ही बेंगलुरु गए थे. निर्माणाधीन भवन में मजदूरी के दौरान हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका इलाज चल रहा था, लेकिन रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया.

निर्माणाधीन भवन से गिरने के बाद हुई थी गंभीर चोट

जानकारी के अनुसार, पौरा थाना क्षेत्र निवासी देवनारायण शर्मा के पुत्र अमित शर्मा 16 जून को बेंगलुरु में एक निर्माणाधीन पांच मंजिला भवन में मजदूरी कर रहे थे. इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़े. हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं.

घटना के बाद स्थानीय लोगों और सहकर्मियों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चला.

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डॉक्टरों की कोशिश के बावजूद नहीं बच सकी जान

परिजनों के अनुसार, चिकित्सकों ने अमित को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण रविवार को उनकी मौत हो गई. मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

गांव पहुंचते ही पसरा मातम

रविवार को जैसे ही अमित शर्मा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक उनके घर पहुंचे. परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम दिखी.

Khagaria News: परिवार का प्रमुख सहारा थे अमित

ग्रामीणों ने बताया कि अमित शर्मा परिवार के प्रमुख कमाऊ सदस्यों में शामिल थे. वह परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और घर की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए बेंगलुरु कमाने गए थे. लेकिन उनकी असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है.

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार एवं प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है, ताकि इस कठिन समय में परिवार को कुछ राहत मिल सके.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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