बाबूजी धीरे चलना, मुश्किल है इन सड़कों से गुजरना
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Jul 2018 8:05 AM
गिरिडीह : गिरिडीह सड़क को शहर का आईना कहा जाता है. विकास का सूचक मानी जानेवाली सड़कों का हाल नागरिकों की चेतना का भी द्योतक है. ऐसे में गिरिडीह शहर की सड़कों का हाल चिंतनीय है. नगर-निगम क्षेत्र में पड़नेवाले इस हिस्से का नामलेवा कोई होता तो सड़कों का हाल यह नहीं होता. आप पैदल […]
गिरिडीह : गिरिडीह सड़क को शहर का आईना कहा जाता है. विकास का सूचक मानी जानेवाली सड़कों का हाल नागरिकों की चेतना का भी द्योतक है. ऐसे में गिरिडीह शहर की सड़कों का हाल चिंतनीय है. नगर-निगम क्षेत्र में पड़नेवाले इस हिस्से का नामलेवा कोई होता तो सड़कों का हाल यह नहीं होता. आप पैदल हों या गाड़ी पर, दोपहिया पर हों या चारपहिया पर, गिरिडीह शहर की सड़कें सबको एक समान कष्ट देती हैं. ऐसा लगता है कि शहर की सड़कों का हाल लेनेवाला कोई नहीं.
विभागीय जवाबदेही से मुक्त है यहां की जर्जरता. शहर में ऐसी जर्जर सड़कों की एक लंबी सूची है जिसपर नगर निगम का कोई ध्यान नहीं है. इस विभागीय अनदेखी का खमियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ता है. ये जर्जर सङकें अब गिरिडीह शहर की पहचान बन गयी है. शहर के सभी 36 वार्डों में जिधर से भी प्रवेश करें, जर्जर मार्ग से ही आपका साबका पड़ेगा. रिपोर्ट : मुन्ना प्रसाद
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










