न अवधि विस्तार हुआ, न मानदेय मिला
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :12 Apr 2018 6:56 AM
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गिरिडीह : राज्य में जब 9000 विद्यालयों को समंजित यानी बंद करने की प्रक्रिया चल रही हो और वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के फंड लैप्स कर गये हों तो ऐसे में साक्षरता कर्मियों के अवधि विस्तार की उम्मीद बेमानी है. नीति के तहत अवधि विस्तार नहीं हुआ तो समझा सकता है, पर लंबित मानदेय का भुगतान […]
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गिरिडीह : राज्य में जब 9000 विद्यालयों को समंजित यानी बंद करने की प्रक्रिया चल रही हो और वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के फंड लैप्स कर गये हों तो ऐसे में साक्षरता कर्मियों के अवधि विस्तार की उम्मीद बेमानी है. नीति के तहत अवधि विस्तार नहीं हुआ तो समझा सकता है, पर लंबित मानदेय का भुगतान एक बार फिर खटाई में पड़ गया. विभागीय अनदेखी का खामियाजा भुगत रहे राज्य के शिक्षाकर्मियों में साक्षरता कर्मी भी शामिल हो गये. साक्षर भारत मिशन का अवधि विस्तार एक अप्रैल 2018 से नहीं होने के कारण जिला के 623 साक्षरता कर्मियों के चेहरे मुरझा गये हैं.
रिनुअल होता रहा, पर लक्ष्य रहा दूर : बताया जाता है कि वर्ष 2009 से 31 मार्च 2012 तक के लिए ‘साक्षर भारत अभियान’ की शुरुआत की गयी थी. इसके बाद 12वीं पंचवर्षीय योजना में इसे शामिल कर लिया गया. आठ सितंबर 2009 को 25 राज्यों के उन्हीं 372 जिलों को इस अभियान में शामिल किया गया जहां महिला साक्षरता 50 प्रतिशत से कम थी. लक्ष्य से दूर रहने के कारण बाद के समय में तीन-तीन बार अवधि विस्तार किया गया. एक अप्रैल 2018 के बाद अवधि विस्तार नहीं होने के कारण जिला मुख्यालय के तीन, प्रखंड स्तर पर 10 समेत 357 पंचायतों में कार्यरत 610 साक्षरता प्रेरकों का भविष्य अंधकारमय हो गया है. उन्हें यह डर सता रहा है कि अगर अप्रैल में इस योजना का अवधि विस्तार नहीं हुआ तो वे लोग सड़क पर आ जायेंगे.
कई माह से नहीं मिला मानदेय
साक्षर भारत मिशन से जुड़े साक्षरता कर्मियों को कई माह से मानदेय नहीं मिला है. मसलन जिला मुख्यालय में पदस्थापित डीपीएम समेत तीन साक्षरता कर्मी, प्रखंडों में पदस्थापित दस प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक व पूरे जिले के लोक शिक्षा केंद्रों में कार्यरत 610 साक्षरता प्रेरकों का मानदेय बकाया चल रहा है. एक तरफ जिला मुख्यालय व प्रखंड मुख्यालय के साक्षरता कर्मियों को 27 माह से मानदेय नहीं मिला है. दूसरी तरफ सदर प्रखंड के साक्षरता प्रेरकों को मई 2016, बेंगाबाद के साक्षरता कर्मियों को मई 2017, गांडेय के साक्षरता कर्मियों को मार्च 2017, देवरी के कर्मियों को जून 2016, जमुआ में सितंबर 2016, बिरनी में नवंबर 2016, पीरटांड़ में सितंबर 2016, धनवार में दिसंबर 2016, गावां में मई 2017, तिसरी में मार्च 2017, डुमरी में जनवरी 2017 व बगोदर में अगस्त 2017 से साक्षरता कर्मियों को मानदेय नहीं मिला है.
मानदेय भुगतान को गया है डिमांड : डीएसइ
इस बाबत साक्षरता अभियान के सचिव सह डीएसइ कमला सिंह ने कहा कि पांच वर्षीय योजना के तहत साक्षर भारत मिशन की मंजूरी दी गयी थी. इसका अवधि विस्तार 31 मार्च को खत्म हो गया. अवधि विस्तार के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है. इसके साथ ही साक्षरता कर्मियों के मानदेय भुगतान के लिए भी पत्र भेजा गया है. लेकिन अभी तक मानदेय भुगतान के मद में राशि उपलब्ध नहीं हो सकी है.
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